मुख्य सचिव की मौजूदगी में स्पीकर की नाराजगी एवं चेतवानी का असर यह हुआ कि पिछले 16 दिन में ही बकाया एक हजार से अधिक सवालों के जवाब विधानसभा एवं विधायकों को मिल गए हैं। दरअसल, विधानसभा का बजट सत्र आगामी 28 जनवरी से शुरू हो रहा है। ऐसे में सवालों के समय पर जवाब नहीं आने पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने पिछले दिनों कड़ी नाराजगी जताई थी। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि अधिकारियों को विधानसभा को गंभीरता से लेना चाहिए। क्योंकि, वहां 200 विधायक बैठते हैं और सरकार भी यहां कार्यों को संपादित करती है। दसअसल, 16 वीं विधानसभा के चौथे सत्र तक करीब 22 हजार 735 सवाल विधानसभा को विभिन्न जनप्रतिनिधियों को मिले थे। इनमें से 21 हजार 684 सवालों के जवाब अब तक मिल चुके हैं। इनमें सदन के दौरान के तारांकित एवं अतारांकित सवाल भी शामिल हैं। वहीं, पांच हजार से ज्यादा वह सवाल भी शामिल हैं, जो इससे पहले के विधानसभा सत्र से संबंधित थे। बताया जा रहा है कि अब कुल मिलाकर एक हजार सवाल और बाकी हैं। जो कुल सवालों का करीब चार प्रतिशत ही है। सबसे ज्यादा सवाल चौथे सत्र से संबंधित विधानसभा सचिवालय के अनुसार चौथे सत्र तक करीब 5803 सवाल मिले थे। गत 3 जनवरी को विधानसभा में स्पीकर देवनानी ने सवालों को लेकर एक मीटिंग बुलाई। जिसमें मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास सहित अधिकांश विभागों के अधिकारियों की इसमें मौजूदगी रही। इसमें स्पष्ट तौर पर बताया गया कि 15 जनवरी तक सभी बकाया सवालों के जवाब मिल जाने चाहिए और ऐसे मीटिंग दुबारा बुलाने की जरूरत नहीं पड़े। उस दौरान 2031 सवालों के जवाब आना बाकी था। 19 जनवरी तक की स्थिति में सारे सवालों के जवाब तो नहीं आए। लेकिन अब बताया जा रहा है कि इन 16 दिनों में 1000 से ज्यादा सवालों के जवाब मिल चुके हैं। अब करीब 980 के जवाब आना शेष है। सत्र से पहले जवाब मिल जाएंगे
विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवानानी के अनुसार 16वीं विधानसभा से पहले भी करीब 5 हजार सवालों के जवाब बाकी थे। समीक्षा कर उन सभी के जवाब लिए गए। यहीं, नहीं मौजूदा विधानसभा में करीब चार प्रतिशत सवाल ही ऐसे हैं जिनका जवाब आना बाकी है। ऐसे में यह आंकड़ा अब बड़ा नहीं है। सत्र से पहले सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे।
