फोलाई पंचायत के भैंसखेड़ा गांव में स्थित मिडिल स्कूल का बरामदा मंगलवार सुबह 10:45 बजे अचानक भरभराकर गिर गया। इस दाैरान सभी बच्चे स्कूल परिसर में बाहर धूप में लगी क्लास में बैठे थे, जिससे अनहोनी टल गई। स्कूल में 38 बच्चों का नामांकन है, जिनमें से मंगलवार को 30 छात्र पढ़ रहे थे। घटना के समय तीन अध्यापक आठ कक्षाओं के बच्चों को पढ़ा रहे थे। छत गिरने का धमाका होते ही बच्चे भयवश भागे। ग्रामीण दौड़कर आ गए। सभी बच्चों और स्टाफ के सुरक्षित होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्राम पंचायत प्रशासक रामस्वरूप खींचा ने बताया कि स्कूल का भवन सत्र 2003 में निर्मित हुआ था। इस वर्ष पहले ही शिक्षा विभाग ने क्षतिग्रस्त तीन कक्षों को जमींदोज करवा दिया था, लेकिन बरामदे की छत की मरम्मत आपदा विभाग के तहत नहीं हो सकी। इस बीच गैंडोली थानाप्रभारी और शिक्षा विभाग के एईएन कैलाशचंद धाकड़, जेईएन गोवर्धन गुर्जर आ गए। छत गिरने वाले हिस्से को जेसीबी से तोड़कर अनुपयोगी घोषित कर दिया। स्कूल की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए एसएमसी की बैठक बुलाने और क्षतिग्रस्त भवन की जगह जल्द नए निर्माण के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया। घटनास्थल पर सरपंच रामस्वरूप खींचा, उपसरपंच हरिओम गोचर, एसएमसी उपाध्यक्ष धनराज मीणा व ग्रामीणों ने अधिकारियों से बच्चों की सुरक्षा और स्कूल भवन की मरम्मत सुनिश्चित करने की मांग रखी।