दैनिक भास्कर राजस्थान के 30वें गौरवशाली साल के उत्सव के तहत जयपुर में नॉलेज और विचारों पर आधारित कार्यक्रमों की सीरीज जारी है। इसी कड़ी में सोमवार को महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में यूपीएससी की तैयारी करवाने वाले टीचर अवध ओझा का मोटिवेशनल सेशन आयोजित किया गया। इस सेशन में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स और युवा शामिल हुए। सेशन के दौरान अवध ओझा ने मीडिया, लोकतंत्र और जनता की भूमिका पर बात रखी। उन्होंने बताया- प्रजातंत्र की आत्मा प्रेस है। राजतंत्र में इसकी जरूरत नहीं होती, क्योंकि सारी जिम्मेदारी राजा की होती है, लेकिन लोकतंत्र में न्यूज पेपर्स और मीडिया की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। दैनिक भास्कर पब्लिक को रखती है जागरूक
उन्होंने दैनिक भास्कर के अलग-अलग विंग्स का जिक्र करते हुए भास्कर एक्सप्लेनर की सराहना की। उन्होंने कहा- मैं दैनिक भास्कर के डिफरेंट विंग्स देखता हूं। इनमें सबसे प्यारा मुझे जो मैं खुद सब्सक्राइब कर रखा है, वह है भास्कर एक्सप्लेनर। दुनिया की कोई भी घटना हो, उसका जो एक्सप्लेनर आता है, उसमें 10 मिनट में घटना का पूरा चंक बता देता है। यह भास्कर का कॉन्ट्रीब्यूशन है नेशन के प्रति। यह भास्कर की प्रतिबद्धता को दिखाता है। भास्कर हर उस घटना के प्रति आपको जागरूक रखते हैं, जो आपके लिए जरूरी है। वह एक तो लोकतंत्र को जिंदा रखती है और दूसरा पब्लिक को जागरूक रखती है। जनता को मीडिया के समर्थन में खड़ा होना चाहिए
मीडिया की भूमिका में आ रही कमी के सवाल पर अवध ओझा ने बताया- इसका सबसे बड़ा कारण जनता की निष्क्रियता है। मीडिया जनता के लिए काम करती है और अगर मीडिया निष्पक्ष खबर दिखाए, चाहे वह सरकार के पक्ष में हो या विपक्ष के और उस पर दबाव आए, तो ऐसे समय में जनता को मीडिया के समर्थन में खड़ा होना चाहिए। अगर जनमानस साथ देगा तो मीडिया खुद मजबूत हो जाएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अगर सरकार मीडिया से सहारा छीन ले और उस समय जनता सिर्फ तमाशा देखती रहे, तो मीडिया क्या कर पाएगी। उन्होंने कहा- मीडिया वही दिखाती है, जिसे जनता देखना चाहती है। अगर जनता इकोनॉमी, एजुकेशन और जरूरी मुद्दे देखना चाहेगी तो वही कंटेंट चलेगा। लेकिन अगर टीआरपी हिंदू-मुस्लिम डिबेट या सतही मुद्दों पर बढ़ेगी तो वही दिखाया जाएगा। ऐसे में जनता को यह समझना होगा कि उसे क्या सुनना है और क्या नहीं। जनता की निष्क्रियता लोकतंत्र के लिए खतरा
लोकतंत्र पर बात करते हुए अवध ओझा ने बताया- जनता की निष्क्रियता लोकतंत्र के लिए खतरा है। सही लोगों का चुनाव नहीं होगा तो व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती। उन्होंने कहा- अगर कोई समाज या व्यक्ति कमजोर रहेगा तो उसका शोषण तय है। इससे बचने के लिए मन और तन दोनों की शक्ति को मजबूत करना जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान राजस्थान-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के सीओओ सुमित मोदी, दैनिक भास्कर के नेशनल एडिटर एल.पी. पंत और राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड की मैनेजिंग डायरेक्टर श्रुति भारद्वाज भी मौजूद रहीं। भास्कर उत्सव के तहत आयोजित इस सेशन को स्टूडेंट्स और युवाओं ने गंभीरता से सुना। बता दें कि दैनिक भास्कर राजस्थान अपने 30वें गौरवशाली साल का उत्सव मना रहा है। इस मौके पर रजनीगंधा प्रेजेंट्स भास्कर मनोरंजन, नॉलेज और एंटरटेनमेंट से जुड़े कई इवेंट्स आयोजित किए जा रहे हैं। भास्कर उत्सव की यह 10 दिवसीय सीरीज 13 दिसंबर से शुरू हुई है, जो 23 दिसंबर तक चलेगी। जयपुर समेत प्रदेश के अलग-अलग वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर इस दौरान लाइव इवेंट्स और सेशंस रखे गए हैं।