जयपुर में सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को गलत ओएमआर शीट थमा दी गई। इतना ही नहीं इस दौरान आपत्ति पर सुधार की जगह व्हाइटनर इस्तेमाल करने का दबाव बनाया गया। जिसके बाद अभ्यर्थियों ने हंगामा खड़ा कर दिया। ऐसे में स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही देखने को मिली। गुस्साए अभ्यर्थियों ने समय पर समाधान और अतिरिक्त समय न मिलने कारण स्कूल प्रबंधन पर भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। इस दौरान नाराज अभ्यर्थियों ने प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, नेशनल स्टूडेंट सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट की ओर से सीनियर टीचर की भर्ती का आयोजन किया जा रहा है। देशभर में एकलव्य मॉडल स्कूल में 1460 पदों पर होने वाली सीनियर टीचर भर्ती का स्कूल में सेंटर बनाया गया था। अभ्यर्थियों को गलत ओएमआर शीट थमाई जहां रविवार को सुबह 9 से 11:30 तक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाना था। लेकिन भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को गलत ओएमआर शीट दे दी गई। जिसको लेकर जब अभ्यर्थियों ने आपत्ति दर्ज की, तो स्कूल प्रबंधन ने अभ्यर्थियों को सुधार का वादा किया। लेकिन कुछ देर बाद स्कूल प्रबंधन व्हाइटनर लेकर पहुंच गया। इस दौरान अभ्यर्थियों से ओएमआर शीट में व्हाइटनर का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया। जिस पर अभ्यर्थियों ने नाराजगी जाहिर की। इसके बाद एक बार फिर अभ्यर्थियों को उनकी पुरानी ओएमआर शीट दी गई। लेकिन तब तक लगभग डेढ़ घंटे का वक्त बीत चुका था। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय देने का वादा किया गया। लेकिन सुबह 11:30 बजे ही पेपर खत्म कर दिया गया। जिसके बाद 25 नाराज अभ्यर्थियों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूरे मामले को लेकर अभ्यर्थी सरकार से स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्कूल प्रबंधन ने परीक्षा में की बड़ी गड़बड़ी भर्ती परीक्षा देने पहुंचे स्टूडेंट दिनेश ने बताया कि आज स्कूल के टीचर्स द्वारा बड़ी गड़बड़ी की गई। पहले तो हमें गलत ओएमआर शीट दे दी गई। जब हमने इसका विरोध किया, तो सुधार के लिए व्हाइटनर का इस्तेमाल करने को लेकर दबाव बनाया गया। जबकि नियमों के तहत ओएमआर शीट में व्हाइटनर का इस्तेमाल ही नहीं किया जा सकता है। व्हाइटनर के इस्तेमाल के कारण चेक नहीं होगी OMR शीट उन्होंने कहा कि नियमों के तहत ऐसा करने पर हमारी ओएमआर शीट चेक ही नहीं होगी। लेकिन बावजूद इसके स्कूल प्रबंधन द्वारा हम पर दबाव बनाया गया। इसके बाद जब हमने इसका विरोध किया। तो उन्होंने फिर से अपनी गलती में सुधार कर हमें अपना पेपर दिया। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम की वजह से लगभग 1 घंटे तक हम परेशान होते रहे। अभ्यर्थियों की सालों की तैयारी पर पानी फिरा दिनेश ने बताया कि इसके बाद न हमें एक्स्ट्रा टाइम दिया गया न ही स्कूल प्रबंधन की ओर से की गई गलती में सुधार किया गया। जिसकी वजह से अब हमारी सालों की तैयारी पर पानी फिर गया है। ऐसे में हम सरकार से मांग करते हैं कि लापरवाह स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई कर हमें फिर से मौका दिया जाए। स्कूल प्रबंधन पर भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप वहीं परीक्षा देने पहुंची सुमित्रा ने कहा कि स्कूल प्रबंधन की ओर से न सिर्फ हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। बल्कि, हमारे साथ बदतमीजी और दुर्व्यवहार भी किया गया। स्कूल के प्रिंसिपल से लेकर वहां का स्टाफ ने हमें अपशब्द भी कहे। ऐसे में हम सरकार से मांग करते हैं कि इस तरह के दोषी लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए। सुमित्रा ने कहा कि इस मांग को लेकर हम जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों को ज्ञापन भी देंगे। वहीं इस पूरे मामले में हमने स्कूल प्रबंधन से भी उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई है। ———————– ये भी पढ़ें… जयपुर में सड़कों की हालत बदहाल, आमजन परेशान:हादसों का खतरा, शिकायतों के बावजूद नहीं मिल रहा स्थाई समाधान जयपुर में कई इलाकों में सड़कों की हालत बहुत खराब हो चुकी है। इस वजह से आम लोगों का सुरक्षित आवागमन मुश्किल हो गया है। कहीं सड़कें पूरी तरह गायब हैं, तो कहीं गहरे गड्ढों में बारिश और सीवरेज का पानी जमा है। इसका सीधा असर दोपहिया वाहन चालकों, कार सवारों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और पैदल राहगीरों पर पड़ रहा है। आए दिन फिसलने, गिरने और वाहनों के टूटने की घटनाएं सामने आ रही हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
