देश क ऊर्जा परिदृश्य में आ रहे बदलाव में राजस्थान महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। बीते दो वर्ष में नवीकरणीय ऊर्जा के लिए निवेश में आ रही बाधाओं को दूर करने के नीतिगत निर्णय किए गए हैं। यही कारण है कि प्रदेश की वर्तमान अक्षय ऊर्जा क्षमता 41,189 मेगावाट तथा सौर ऊर्जा क्षमता 35,337 मेगावाट तक पहुंच गई है। देश की कुल सौर ऊर्जा क्षमता में राजस्थान की भागीदारी 27.2 प्रतिशत और अक्षय ऊर्जा में 16.43 प्रतिशत हो गई है। यानी अक्षय ऊर्जा क्षमता में 17,820 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है। इसमें सौर ऊर्जा का योगदान 17,326 मेगावाट है। इसके अतिरिक्त 45 गीगावाट क्षमता की अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कहना है कि बीते दो वर्ष में लिए गए नीतिगत निर्णय से राजस्थान सोलर हब के रूप में उभर रहा है। यह कदम भी उठाए गए } एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024 लाई गई। } रिन्युएबल एनर्जी परियोजनाओं को रिप्स-2024 के अन्तर्गत सुविधाएं। – वर्चुअल नेट मीटरिंग एवं ग्रुप नेट मीटरिंग को अनुमत किया गया। } विभिन्न सौर एवं अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं तथा सोलर पार्कों के लिए 1.32 लाख हैक्टेयर भूमि का आवंटन } राइजिंग राजस्थान में सर्वाधिक 28 लाख करोड़ का निवेश } केन्द्रीय उपक्रमों के साथ 43,238 मेगावाट की अक्षय ऊर्जा एवं परम्परागत ऊर्जा परियोजनाओं के लिए एमओयू। } बीकानेर के पूगल में 5 हजार मेगावाट ऑवर बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता के साथ 2450 मेगावाट क्षमता का दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क विकसित किया जा रहा है। विकेंद्रित सौर ऊर्जा में भी सबसे आगे सौर ऊर्जा में राजस्थान के बढ़ते प्रभुत्व के पीछे सोलर पार्कों तथा सौर परियोजनाओं के साथ-साथ पीएम-कुसुम एवं पीएम सूर्य घर जैसी योजनाओं का ठोस क्रियान्वयन भी है। इन योजनाओं से राज्य में विकेंद्रित सौर ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा मिला है। कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए एवं कम्पोनेंट-सी के अन्तर्गत बीते दो वर्ष में प्रदेश की गांव-ढ़ाणियों में 2345 मेगावाट क्षमता से अधिक की ग्रिड कनेक्टेड 1047 लघु सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। इस दृष्टि से राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। इसी तरह कम्पोनेंट-बी में 51,927 (कुल 1.15 लाख) ऑफ ग्रिड सोलर पम्प स्थापित किए जा चुके हैं। इस योजना के माध्यम से किसान अब डीजल पंपों से मुक्ति पा रहे हैं और सस्ती एवं प्रदूषण रहित सौर ऊर्जा को अपना रहे हैं। ग्रिड कनेक्टेड संयंत्रों से करीब 1 लाख 54 हजार से अधिक किसानों को खेती के लिए दिन में बिजली मिल रही है। इसी तरह पीएम सूर्य घर योजना में दो वर्ष से भी कम समय में प्रदेश में 441 मेगावाट क्षमता के 1 लाख 9 हजार 209 रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। पीएम सूर्य घर में स्थापित रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या के आधार पर राजस्थान देश में 5वें स्थान पर है। राइजिंग राजस्थान में सर्वाधिक 28 लाख करोड़ का निवेश