अजमेर के एक होटल में रिसेप्शनिस्ट ने अपनी 3 साल की बच्ची को आनासागर झील में फेंककर जान से मार दिया। इससे पहले मंगलवार रात बेटी को गोद में लेकर झील के पास घूमी। करीब साढ़े 3 घंटे घूमने के बाद उसे सुलाकर झील में फेंक दिया। पुलिस और लिव-इन पार्टनर को बेटी के गुम होने की झूठी कहानी सुनाकर गुमराह किया। क्रिश्चियन गंज थाना ने आरोपी मां को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया। पुलिस का कहना है- आरोपी महिला पुलिस को गुमराह कर रही थी। वह बार-बार सिर्फ पुलिस को बेटी के गुम होने की बात बोल रही थी। पुलिस के साथ अलग-अलग जगह पर जाकर सीसीटीवी फुटेज तक चेक किए थे। पुलिस को शुरुआत से ही उस पर शक था। आज सुबह बच्ची का शव झील में मिला। सख्ताई से पूछताछ करने पर उसने गुनाह कबूल किया। पुलिस ने खुद आरोपी महिला के खिलाफ केस दर्ज किया है। लिव-इन पार्टनर और पुलिस को गुमराह किया
सीओ रूद्र प्रकाश शर्मा ने बताया- 3 साल की बच्ची काव्या सिंह की मौत के मामले में उसकी मां अंजली सिंह (28) उर्फ प्रिया पत्नी राजू को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी महिला मूल रूप से बनारस, यूपी की रहने वाली है। पति से अलग होने के बाद बेटी के साथ अजमेर आ गई थी। यहां एक युवक के साथ लिव-इन में रह रही थी। महिला अजमेर के एक होटल में रिसेप्शनिस्ट है। युवक भी उसी होटल में काम करता है। युवक बच्ची को लेकर ताने देता था, जिसके बाद महिला ने बेटी की हत्या कर दी। बच्ची की मौत से पहले और बाद के PHOTOS देखिए- बेटी के गुम होने की झूठी कहानी सुनाई
सीओ रूद्र प्रकाश शर्मा ने बताया- मंगलवार रात्रि गश्त अधिकारी गोविंद शर्मा गश्त के दौरान आज तड़के 4 बजे के करीब वैशाली नगर से बजरंगगढ़ की तरफ जा रहे थे। तब एक युवक और महिला पैदल जाते दिखे। पुलिस ने दोनों को रुकवाकर पूछताछ की। युवक ने अपना नाम अल्केश गुप्ता और महिला ने अपना नाम अंजली सिंह उर्फ प्रिया बताया। महिला ने बताया कि वो अखिलेश के साथ लिव-इन में रहती है। मंगलवार रात को अपनी बेटी काव्या के साथ पैदल-पैदल अपने घर दाता नगर से अल्केश गुप्ता के पास सिटी हॉस्पिटल के सामने आ रही थी। रास्ते में रात 10 बजे सिटी हॉस्पिटल के पीछे नाले की पुलिया के पास बेटी अचानक गायब हो गई। उसकी रात भर तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। सीसीटीवी फुटेज में बच्ची के साथ दिखी
सीओ ने बताया- बच्ची के गुम होने की जानकारी पर टीम का गठन कर तलाश शुरू की। अभय कमांड सेंटर के सीसीटीवी चेक किए गए। सीसीटीवी फुटेज में महिला अपनी बेटी को गोद में लेकर आनासागर चौपाटी के आस-पास घूमती दिखाई दी। लेकिन रात 1:30 के बाद महिला अकेले आनासागर चौपाटी तिहारी की तरफ अपना मोबाइल चलाते दिखाई दी। पूछताछ में बोली- बेटी को सुलाकर, धक्का दिया
पुलिस टीम बच्ची की तलाश कर रही थी। इस बीच आज सुबह आनासागर झील में बच्ची तैरती दिखी। महिला से सख्ती से पूछताछ की। उसने बताया कि बेटी को झील के किनारे पहले सुलाया। उसके बाद धक्का देकर फेंक दिया। लिव-इन-पार्टनर को फोन कर कहा-बेटी गुम हो गई
सीओ ने बताया- आरोपी महिला ने अपने लिव-इन-पार्टनर से भी बच्ची की हत्या की बात को छुपाया था। आरोपी महिला ने मंगलवार रात 1:30 बजे के करीब झील में बच्ची को फेंक दिया था। 2 बजे अपने पार्टनर को फोन कर बच्ची के गुम होने की सूचना दी थी। इसके बाद वो भी बच्ची को ढूंढ रहा था। पूछताछ में सामने आया कि महिला पहले से शादीशुदा थी। उसने अपने पति राजू निवासी बनारस (यूपी) को एक साल पहले ही छोड़ दिया था। इसके बाद से अपने लिव-इन-पार्टनर अल्केश के साथ अजमेर आकर रह रही थी। पूछताछ में महिला का कहना है कि लिव-इन-पार्टनर बेटी को लेकर महिला को ताने देता था। कहता था कि ये उसके पहले पति की बेटी है। अब महिला ने बेटी को आनासागर झील में फेंक दिया महिला का पार्टनर अल्केश भी वही का रहने वाला है। दोनों पहले से ही प्रेम प्रसंग में थे। महिला के पति ने एक मिसिंग रिपोर्ट उत्तर प्रदेश में दर्ज करवा रखी है। संबंधित पुलिस ने महिला के बयान लिए तो महिला ने अपने इच्छा से अजमेर आना बताया था। इस पूरे मामले में पुलिस टीम में हेड कॉन्स्टेबल धर्मराज, गोविंद शर्मा और कॉन्स्टेबल मोहन शेषमा और करतार का विशेष योगदान रहा।
