जयपुर में कथावाचक जया किशोरी की चल रही कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्री गोविंददेवजी मंदिर परिसर में तीन दिवसीय नानी बाई रो मायरा कथा के दूसरे दिन गुरुवार को सत्संग भवन श्रद्धालुओं से पूरी तरह भर गया। इसके बाद भी बड़ी संख्या में लोगों को बाहर खड़े होकर कथा सुननी पड़ी। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। कई लोग मंदिर परिसर में धूप में खड़े होकर कथा सुनते नजर आए। कथा शुरू होने से पहले ही सत्संग भवन की अधिकांश सीटें भर गई थीं। बाद में आने वाले श्रद्धालुओं को बाहर ही जगह बनानी पड़ी। श्रद्धालुओं ने कहा- जया किशोरी की कथा सुनने का अवसर बार-बार नहीं मिलता, इसलिए गर्मी के बावजूद हम कथा में शामिल होने पहुंचे हैं। सत्संग भवन की क्षमता से ज्यादा पहुंचे श्रद्धालु जया किशोरी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कथा स्थल पर क्षमता से कहीं अधिक संख्या में लोग पहुंच गए। सत्संग भवन में बैठने की जगह नहीं बची तो श्रद्धालु भवन के बाहर, गलियारों और खुले परिसर में खड़े होकर कथा सुनते रहे। कई श्रद्धालु परिवार सहित कथा सुनने पहुंचे थे। भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को अंदर प्रवेश करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी के बीच भी नहीं डिगा श्रद्धालुओं का उत्साह दोपहर के समय आयोजित कथा के दौरान तेज गर्मी और उमस का असर दिखाई दिया। इसके बावजूद श्रद्धालु कथा सुनने के लिए डटे रहे। कई लोग छांव तलाशते नजर आए तो कई श्रद्धालु धूप में ही खड़े होकर कथा सुनते रहे।
महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की भी बड़ी संख्या कथा स्थल पर मौजूद रही। बाहर लगाई एलईडी स्क्रीन श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए श्री गोविंददेवजी के सामने स्थित हॉल में एलईडी स्क्रीन लगाई गई, ताकि मुख्य सत्संग भवन में जगह नहीं मिलने वाले श्रद्धालु भी कथा का प्रसारण देख और सुन सकें। एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दूसरे हॉल में बैठकर कथा का लाभ लिया। इससे मुख्य कथा स्थल पर दबाव कुछ कम हुआ और अधिक लोगों तक कथा पहुंच सकी। तीसरे दिन भी भीड़ की संभावना जया किशोरी की तीन दिवसीय नानी बाई रो मायरा कथा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। ऐसे में शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
