अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में ब्याज दर में 0.25% की कमी के फैसले की उम्मीद के मद्देनजर बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 61 डॉलर प्रति आउंस के पार होकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इसके चलते जयपुर सर्राफा बाजार में भी पहली बार चांदी 1.91 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर बिकी। एक ही दिन में चांदी में 8,800 रुपए प्रति किलोग्राम का उछाल रहा। जयपुर में इस साल की यह एक दिनी दूसरी सबसे बड़ी तेजी है। वहीं, सोना स्टैंडर्ड में 1,000 तथा 22 कैरेट सोने में 900 रुपए प्रति दस ग्राम की तेजी रही। कॉमेक्स में फरवरी डिलीवरी सोना 11.50 डॉलर की गिरावट से 4,224.70 डॉलर तथा मार्च डिलीवरी चांदी 0.160 डॉलर बढ़कर 61 डॉलर प्रति आउंस पर ट्रेड कर रही थी। जयपुर में 11 माह में चांदी 117 प्रतिशत चढ़ी है। सोना महंगा हुआ, तो चांदी की डिमांड चांदी का उछाल गोल्ड का ‘स्पिलओवर इफेक्ट’ है। ओसीबीसी बैंक के एनालिस्ट क्रिस्टोफर वॉन्ग ने कहा, ‘निवेशक गोल्ड की बजाय सस्ती चांदी चुन रहे हैं।’ प्लेटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य धातुओं की कीमतें भी चढ़ी हैं। यानी जब सोना भी महंगा हो रहा है तो लोगों का मानना है कि ज्यादा रिटर्न वाली चांदी क्यों ने खरीदी जाए। चांदी की कमी: 5 साल से पूरी दुनिया में चांदी की सप्लाई डिमांड से कम साल डिमांड सप्लाई सरप्लस/कमी 2020 27,871.8 30,061.5 +7.86% 2021 32,658.7 31,016.4 -5.03% 2022 38,630.5 31,582.5 -18.24% 2023 37,168.7 31,436.3 -15.42% 2024 36,207.6 31,570.1 -12.81% 2025 2,177 टन चांदी की कमी का अनुमान (आंकड़े टन में, स्रोत: सिल्वर इंस्टीट्यूट, मेटल्स फोकस) अमेरिकी कंपनियां चांदी का स्टॉक जमा कर रहीं, इसलिए ग्लोबल सप्लाई घटी {सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी के कोस्मास मरिनाकिस ने कहा, ‘चांदी अब सिर्फ निवेश का साधन नहीं रह गया है, बल्कि एक जरूरी भौतिक संसाधन भी बन है।’ मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को इसकी ज्यादा जरूरत है। इसलिए मांग बढ़ रही है। {चांदी के दाम में उछाल की एक और बड़ी वजह है अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की ट्रेड नीतियों के तहत चांदी पर टैरिफ लगने का डर। इस डर से अमेरिकी कंपनियां चांदी का भारी स्टॉक जमा कर रही हैं, जिससे दुनिया के बाकी हिस्सों में कमी हो गई है। {प्रोफेसर मरिनाकिस ने कहा, दुनियाभर के मैन्युफैक्चरर अपनी प्रोडक्शन बाधित न हो, इसलिए सप्लाई पक्की करने की होड़ में हैं। यही वजह है कि ग्लोबल मार्केट में कीमतें ऊपर चढ़ रही हैं। आगामी महीनों में चांदी की ऊंची कीमत बनी रहेंगी। अमेरिकी सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में ब्याज दर में 0.25% की कमी के फैसले की उम्मीद के मद्देनजर बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 61 डॉलर प्रति आउंस के पार होकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इसके चलते जयपुर सर्राफा बाजार में भी पहली बार चांदी 1.91 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर बिकी। एक ही दिन में चांदी में 8,800 रुपए प्रति किलोग्राम का उछाल रहा। जयपुर में इस साल की यह एक दिनी दूसरी सबसे बड़ी तेजी है। वहीं, सोना स्टैंडर्ड में 1,000 तथा 22 कैरेट सोने में 900 रुपए प्रति दस ग्राम की तेजी रही। कॉमेक्स में फरवरी डिलीवरी सोना 11.50 डॉलर की गिरावट से 4,224.70 डॉलर तथा मार्च डिलीवरी चांदी 0.160 डॉलर बढ़कर 61 डॉलर प्रति आउंस पर ट्रेड कर रही थी। जयपुर में 11 माह में चांदी 117 प्रतिशत चढ़ी है। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी, जयपुर के भाव : चांदी (999) 191 चांदी रिफाइनरी 190.5 रुपए प्रति ग्राम। सोना स्टैंडर्ड 13,180 रुपए, सोना जेवराती 12,320 तथा वापसी 12,020 रुपए प्रति ग्राम।