वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान से उनका आर्थिक और भावनात्मक रूप से गहरा संबंध है। वे प्रदेश में उद्योग की भरपूर संभावनाएं देखते हैं। अग्रवाल से निवेश, राजस्थान से संबंध और नए उद्यमियों पर दैनिक भास्कर की विशेष बातचीत- अब तक के निवेश के परिणाम कहां तक पहुंचे?
राजस्थान में निवेश हमने केयर्न एनर्जी, हिंदुस्तान जिंक में किया है। राजस्थान में निवेश के अच्छे परिणाम आते हैं। अवसर ज्यादा हैं, इसलिए यहां निवेश बेहतर ही रहता है। राजस्थान में 1.5 लाख करोड़ से अधिक का निवेश कर चुके हैं, जिससे लाखों रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं। निवेश के लिए राजस्थान क्या अपेक्षा कर सकता है?
आगे भी नए निवेश करेंगे। हमने 1.25 लाख करोड़ के निवेश का वादा भी किया है। उत्पादन बढ़ेगा तो इंपोर्ट कम से कम होगा। इसे आगे बढ़ाएंगे। इससे दो लाख लोगों को फायदा होगा। निवेश का ब्रेकअप क्या होगा?
इस निवेश से हम एक स्प्लेंटर बनाएंगे। माइंस पार्क और रिसाइक्लिंग प्लांट लगाएंगे। 200 नई इंडस्ट्री स्थापित करने की क्षमता वाले जिंक इंटरनेशनल इंडस्ट्रियल पार्क में बिजली, पानी, रॉ मेटेरियल और इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पुराने और आज के उद्यमियों के संघर्ष में क्या अंतर है?
मुझे लगता है कि मैं संघर्ष ज्यादा करता था। जबकि आज के युवा उद्यमी कहते हैं कि वे संघर्ष ज्यादा करते हैं। यह सब तो चलता रहेगा। हमारे समय में सुविधाएं नहीं थीं, आज सुविधाएं भरपूर हैं। राजस्थान से जुड़ाव को किस रूप में देखते हैं?
मेरा जन्म यहां हुआ। बिहार की धरती ने मुझे पढ़ाया, बड़ा किया। जुड़ाव बिहार से भी है, लेकिन राजस्थान में संभावनाएं हैं। यहां हमें खनिज मिला। हमने यहां ड्रिलिंग चालू की तो हमें गैस भी मिली।