सेंट ग्रिगोरियस सीनियर सेकंडरी स्कूल में बुधवार को दिनभर हंगामा होता रहा। हिंदू संगठनों ने बच्चों से कलावा उतरवाने और तिलक लगाने से रोकने के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। स्कूल से हटाए गए दो शिक्षकों की पैरवी भी की। मामला शांत करवाने के लिए पुलिस को आना पड़ा। स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को नकारा है। सुबह भाजपा के जिला महामंत्री पंकज बोराना, भाजयुमो के पूर्व जिला अध्यक्ष सन्नी पोखरना सहित कई कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे। अभिभावक भी साथ थे। इन्होंने फादर वर्गीस थॉमस और प्रिंसिपल शुभा जोस पर आरोप लगाया कि स्कूल में बच्चों को कलावा नहीं बांधने और तिलक नहीं लगाने देने जैसी शिकायतें हैं। कोई बच्चा कलावा या तिलक के साथ स्कूल आता है तो वाइस प्रिंसिपल खुलवा या हटवा देते हैं। दूसरी तरफ अच्छा काम करने वाले शिक्षकों को हटाया जा रहा है। जबकि कई आरोप होने के बावजूद गोस्वामी पर जांच या कार्रवाई नहीं की जा रही। डीईओ से शिकायत की है। गुरुवार को कलेक्टर तक मामला पहुंचाएंगे। माहौल गर्माने पर सुखेर थानाधिकारी रवींद्र चारण पहुंचे। उन्होंने समझाकर मामला शांत करवाया। इधर, हटाए गए दो शिक्षकों का धरना जारी स्कूल प्रबंध ने करीब 30 साल से कार्यरत टीचर अनिता कुरियन और 22 वर्ष से कार्यरत शिक्षक संजू वर्गीस को हटा दिया। ये दोनों शिक्षक स्कूल परिसर में ही प्रिंसिपल के खिलाफ धरने पर हैं। उन्हें हटाने की मांग कर रहे हैं। कुछ अन्य शिक्षक भी धरना में साथ हैं। अनिता ने दैनिक भास्कर को बताया कि उन्हें बिना किसी वजह के हटाया गया है। उनकी सेवानिवृत्ति में केवल ढाई साल बचे हैं। ग्रेच्युटी और दूसरा पैसा देना पड़ेगा इसलिए प्रबंधन ने यह कदम उठाया है। शिक्षक संजू ने बताया कि कुछ दिन पहले दो बच्चे झगड़ गए थे। इसे सांप्रदायिक रंग देकर उन पर दबाव बनाया गया। अब उन्हें हटाया गया है। वाइस प्रिंसिपल अनिल गोस्वामी का कहना है कि उनके पारिवारिक मामलों को बीच में लाकर उन पर दबाव बनाया जा रहा है। वह स्वयं हिंदू हैं और वह इस तरह का व्यवहार बच्चों से कभी नहीं करते। हिंदू प्रतीक हटवाने की बात गलत, शिक्षकों को लेकर शिकायतें थी, इसलिए हटाया “कुछ दिनों पहले दो बच्चों की आपस में लड़ाई हो गई थी। इसकी जानकारी शिक्षक संजू वर्गीस ने स्कूल प्रबंधन को नहीं दी। उन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। शिक्षिका अनिता कुरियन बीमार होने लगी हैं। वह सही तरीके से नहीं पढ़ा पा रहीं। बारहवीं कक्षा के बच्चों ने भी प्रबंधन को लिखकर दिया, इसलिए उन पर हटाने की कार्रवाई की जा रही है। हिंदू प्रतीकों को बच्चों से हटवाने वाली बातें गलत हैं आरोप बेबुनियाद हैं।”
-शुभा जोस, प्रिंसिपल, सेंट ग्रिगोरियस स्कूल
