राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि विश्वविद्यालयों का उद्देश्य मूल्यपरक, समग्र एवं व्यावहारिक शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र के सुयोग्य नागरिक तैयार करना है। राज्यपाल जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा गुणवत्ता एवं नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर आयोजित विशेष समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। राज्यपाल ने कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति को अनिवार्य बनाने तथा आने–जाने दोनों समय उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा वही है जो ज्ञान के साथ चरित्र और कौशल का निर्माण करे। राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति को समयबद्ध रूप से लागू करने तथा भारतीय ज्ञान परंपरा और प्राकृतिक खेती जैसे नवाचारों को व्यावहारिक शिक्षण मॉडल के रूप में विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों में इन मॉडलों को प्रोत्साहित करने की पहल की सराहना की। वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के निर्देश
बैठक में विश्वविद्यालय की वित्तीय व्यवस्थाओं, अनुसंधान उन्मुख शैक्षणिक वातावरण और रिक्त पदों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। राज्यपाल ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने, संसाधनों के सुव्यवस्थित उपयोग और रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए, ताकि शिक्षण और प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता सुनिश्चित रहे। पेंशनर्स सोसाइटी ने पेंशन समस्या के समाधान की मांग की
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय पेंशनर्स सोसाइटी के प्रतिनिधि मंडल ने अध्यक्ष प्रो. राम निवास शर्मा के नेतृत्व में राज्यपाल से मुलाकात कर बकाया पेंशन एवं पेन्शन भुगतान की समस्या के स्थायी समाधान की अपील की। उन्होंने समस्या के सम्बंध में विस्तृत चर्चा की। प्रोफेसर शर्मा ने कुलाधिपति को इस बात से अवगत कराया कि ,क्योंकि राज्य सरकार ही विश्व विद्यालय कर्मचारियों को वेतन देती है अतः राज्य सरकार को ही सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन भुगतान करना चाहिए। इस बात पर कुलाधिपति ने अपनी सहमति दी। कुलाधिपति को यह भी बताया कि पहले भी पांच महीने की पेंशन लगातार धरना, प्रदर्शन करने पर सरकार ने लोन दिलाई तब कहीं जाकर पेंशन का भुगतान हुआ था। यही नहीं अब फिर तीन महीने की पेंशन बकाया हो चुकी है और विश्व विद्यालय पेंशन देने में असमर्थ है। तत्पश्चात उन्होंने स्पष्ट रूप से यह आश्वासन दिया कि वे अपनी ओर से इस समस्या के पूर्णतः समाधान के लिए प्रयास करेंगे और इस संबंध में सरकार से चर्चा करेंगे। प्रतिनिधि मंडल में प्रो. सुखवीर सिंह बैस, अशोक व्यास एवं रामदत्त हर्ष सम्मिलित रहे।