राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) में बढ़ते विवादों का साया अब क्रिकेटर्स पर भी पड़ने लगा है। हमारी बेटियां नागपुर में फंस गई हैं। दो दिन हो गए टूर्नामेंट खत्म हुए। अभी तक हमारी अंडर-23 गर्ल्स टीम की वापसी की टिकट आरसीए द्वारा नहीं कराई गई है। इस संबंध में हमने टीम की 3 क्रिकेटर्स के पैरेंट्स से भी बात की। उन्होंने कहा, ‘बच्चियों को यही कहा जा रहा है कि आप चिंता न करें, जल्दी वापसी की टिकट हो जाएगी।’ चेक पर साइन को लेकर विवाद, बहाना… फ्लाइट में टिकट नहीं असल में होटल और एयर टिकट का पेमेंट करना है। इसके लिए बैंक में आरसीए की ओर से ऑथराइज्ड सिग्नेटरी कन्वीनर डीडी कुमावत, सदस्य पिंकेश पोरवाल व आशीष तिवाड़ी में से एक हैं। इस बारे में हमने जब कन्वीनर से पूछा तो उन्होंने कहा, ‘मंगलवार को फ्लाइट में पूरी टिकट नहीं थीं, इसलिए बुधवार को बच्चियों की टिकट करा दी जाएगी और पेमेंट भी हो जाएगा। मैं राजस्थान की बच्चियों को परेशान नहीं होने दूंगा। इससे पहले भी मैंने अपने खर्च पर राजस्थान के खिलाड़ियों को बुलाया है। चार सदस्यों ने मेरे साइन पर स्टॉप पेमेंट के लिए बैंक को लिखा था।’ आरसीए एडहॉक कमेटी सदस्य मोहित यादव का कहना है कि, ‘बैंक में प्रमुख सिग्नेटरी कन्वीनर कुमावत हैं। उन्होंने ही बैंक को चेक क्लियर करने के लिए मना किया है। बॉम्बे से भी जब बॉयज अंडर-23 टीम आनी थी तब भी साइन हो गए थे फिर उन्होंने अपनी जेब से टिकट क्यों कराईं। अब भी पिंकेश और आशीष साइन करने के लिए तैयार हैं लेकिन डीडी कुमावत साइन करके चेक भेजें तो सही।’ ये साफ है कि डीडी कुमावत के साइन और अप्रूवल के बिना बैंक पेमेंट क्लियर नहीं करेगा। मुंबई के उर्विश ने लगाई गोल्डन जम्प खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में मुंबई यूनिवर्सिटी के उर्विश पोखरियाल ने गोल्डन जम्प लगाई। 7.54 मीटर की छलांग लगाते हुए लॉन्ग जम्प में गोल्ड जीता। यूनिवर्सिटी ऑफ केरल के अनुराग सीवी 7.39 मीटर के साथ दूसरे और एचपी यूनिवर्सिटी के अमन सिंह 7.29 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। पोल वॉल्ट : ‘मेडललिस्ट’ दो एथलीट डिसक्वालिफाई पुरुषों की पोल वॉल्ट स्पर्धा सोमवार को हुई। तीन एथलीट मेडल लिस्ट के लिए चुने गए, लेकिन अंतिम समय में मेडल सेरेमनी रोक दी गई, रिजल्ट विदहेल्ड कर दिया गया। दो एथलीटों की शिकायत आई कि वे नौकरी करते हैं। नियमों के अनुसार, नौकरी करने वाला एथलीट KIUG में हिस्सा नहीं ले सकते, इसलिए दो एथलीट मद्रास यूनिवर्सिटी के रीगन गणेशन और एलपीयू के अवनीश कुमार को डिसक्वालिफाई कर दिया गया। सिर्फ गोल्ड (अमन सिंह) और सिल्वर (नीरज कुमार) मेडल ही दिए गए। तीन एथलीट मिनिमम क्वालिफाई जंप नहीं कर सके थे। मोहित यादव ने मंगलवार रात 10 बजे एक मेल किया। इसमें लिखा है कि यदि 3 दिसंबर सुबह 11 बजे तक टिकट नहीं हुए तो आरसीए एडहॉक कमेटी को डिसॉल्व करने तक का निर्णय लिया जा सकता है। इस बारे में सीएम, खेलमंत्री और सहकारिता मंत्री को भी शिकायत की जाएगी। बेटियों को रामभरोसे छोड़ा KIUG में धावक को अकेला दौड़ाया खेलों में खेल; संजीव गर्ग | जयपुर खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का फ्लॉप शो जारी है। सोमवार को 400 मीटर महिला दौड़ में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की मनीषा अकेले दौड़ी थीं। उन्हें गोल्ड मेडल मिलना चाहिए था, लेकिन एथलेटिक फेडरेशन के अधिकारियों ने मेडल सेरेमनी ही नहीं की। ऐसा ही एक वाकया मंगलवार को एसएमएस स्टेडियम में हुआ। पुरुषों की 400 मीटर हर्डल्स रेस के फाइनल में 8 एथलीटों की दौड़ना था, लेकिन जब इवेंट की बारी आई तो अकेले रुचित मोरी ही दौड़े। नाडियाड, गुजरात के रुचित स्वर्णिम गुजरात स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। उन्होंने रिकॉर्ड बनाते हुए रेस पूरी की, लेकिन उन्हें भी गोल्ड मेडल नहीं दिया जाएगा। दूसरे एथलीट डोपिंग के डर से दौड़ने नहीं आए तो मेरी क्या गलती :रुचित इस पर रुचित ने कहा- ‘मैं अकेला दौड़ा, इसमें मेरी क्या गलती। मैंने तो रिकॉर्ड भी बनाया। मुझे मेरा मेडल क्यों नहीं दिया जाएगा। दूसरे एथलीट डोपिंग के डर से ट्रैक पर नहीं उतरे तो उन पर एक्शन होना चाहिए। मुझे तो मेरा गोल्ड दिया जाना चाहिए।’ इस पर एथलेटिक स्पर्धा के टेक्निकल डायरेक्टर सावे का कहना है कि ‘यही तय हुआ है कि अगर किसी इवेंट में एक ही एथलीट पार्टिसिपेट करता है तो उसकी मेडल सेरेमनी नहीं होगी। फैसला हुआ है कि कम से कम दो एथलीट तो होना ही चाहिए। इस बारे में एआईयू और साई को भी जानकारी दे दी गई है। सहमति के बाद ही यह फैसला हुआ है।’ RCA; टूर्नामेंट खत्म, टिकट नहीं, बेटियां नागपुर में फंसी भास्कर के सवाल पर रात 10 बजे मेल; सुबह 11 बजे तक टिकट नहीं हुए तो एडहॉक कमेटी डिसॉल्व होगी होटल के पेमेंट भी बढ़ना तय इस विवाद से आरसीए को जिस होटल में लड़कियां ठहरी हैं उसको भी अतिरिक्त पेमेंट करना पड़ेगा। जितने दिन ज्यादा टीम होटल में ठहरेगी, उतना ही भार आरसीए पर पड़ेगा। इस बीच दौसा और सीकर जिला क्रिकेट संघ की ओर से प्रस्ताव आया है कि यदि आरसीए बुधवार तक टिकट नहीं कराता तो जिला संघ अपनी ओर से बच्चियों का टिकट कराकर उन्हें वापस बुलाएंगे। 15 लड़कियां और सपोर्ट स्टाफ नागपुर में फंसा है।
