क्षेत्र के गढ़ गांव में दौसा-लालसर सड़क पर बनी पानी की टंकी पर सोमवार सुबह दो बहनें चढ़ गई। सुलेचना मीणा व बनासपति चचेरी बहनें हैं, जो सुबह 6 बजे शॉल ओढ़कर टंकी पर चढ़ गई । लोगों को 7 बजे पता चला तो पुलिस को सूचना दी। इसके बाद राणोली पुलिस चौकी प्रभारी छोटेलाल पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद सिकंदरा के कार्यवाहक थानाधिकारी रामावतार पहुंचे और उनकी समझाइश के बाद वे उतरने को तैयार नहीं हुई। सूचना मिलते ही सिकराय उपखंड अधिकारी नवनीत, सिकराय तहसीलदार हेमेंद्र, बहरावंडा तहसीलदार मौके पर पहुंचे और दो घंटे तक समझाइश करते रहे। उपखंड अधिकारी व तहसीलदार के आश्वासन पर 5 घंटे बाद सुबह करीब 11 बजे टंकी से उतरी। उल्लेखनीय है कि पारिवारिक जमीन के बंटवारे को लेकर सिकराय उपखंड अधिकारी के यहां मामला चल रहा है। दोनों बहनों ने बताया कि उनके पिता तीन भाई हैं। उनके हिस्से की जमीन पर पत्थर डालकर कब्जा किया जा रहा है। सिकराय उपखंड अधिकारी नवनीत ने बताया कि ग्राम कोरडा खुर्द में खाता संख्या 88 कुल किता 10, रकबा 6.55 हैक्टेयर में खातेदार कजोड़, रामसहाय, लोहडया पिता लालचंद का बराबर हिस्सा रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज है। न्यायालय में बंटवारा के लिए आवेदन दिया हुआ है। नियमानुसार कब्जे काश्त अनुसार बंटवारा प्रस्तावित है। नियमानुसार बंटवारा नहीं होने तक सभी खातेदार एक दूसरे के कब्जे की जमीन में दखल नहीं करने के लिए पाबंद किया गया। शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस को दी गई। दोनों बहनों को सुरक्षित टंकी से उतारने के लिए मानपुर डीएसपी और सिकंदरा थाना अधिकारी ने कमान संभाली। उन्होंने करीब साढ़े पांच घंटे तक दोनों बहनों से बात की, उनकी शिकायतों को सुना और उन्हें उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन के आश्वासन के बाद ही दोनों बहनें पानी की टंकी से उतरीं। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से बात कर मामले को जल्द सुलझाने के प्रयास में जुटी है। पहले भी दोनों बहनें पानी की टंकी पर चढ़ी थी : दोनों बहनें 12 अक्टूबर को भी इसी पानी की टंकी पर चढ़ गई थी। सिकंदरा थानाधिकारी व बहरावंडा तहसीलदार ने करीब एक घंटे की समझाइश कर इन्हें उतारा था। इन्होंने करीब ढाई माह पहले भी जमीनी विवाद और खेत से पत्थर हटवाने की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन भी किया था।
