सीकर शहर के औद्योगिक क्षेत्र और बस डिपो के आसपास हुए वायु प्रदूषण के दूसरे दिन रविवार को 10 बच्चे अस्पताल पहुंचे। शनिवार सुबह अचानक बढ़े वायु प्रदूषण के कारण हालात गंभीर हो गए थे। घने धुएं और हवा में फैली दूषित गैसों के चलते लोगों को सांस लेने में तकलीफ, गले में जलन और चक्कर आने की समस्याएं होने लगी थी। शनिवार को 16 बच्चों को हॉस्पिटल लाया गया LBS स्कूल सहित आसपास के इलाके में छात्र और आमजन सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। हालात बिगड़ने पर शनिवार को 16 बच्चों को भर्ती करवाया गया था। रविवार सुबह 10 बच्चे और अस्पताल में भर्ती करवाए गए। इसके अलावा भी डिपो व रीको एरिया निवासी 7 लोगों को भी SK अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। हवा में अचानक हुए इन्फेक्शन के कारणों का पता लगाया जा रहा है। 4-5 बच्चों की तबीयत ज्यादा बिगड़ी रविवार को SK मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अशोक चौधरी हॉस्पिटल पहुंचे और भर्ती बच्चों से मुलाकात की। डॉ. चौधरी ने बताया कि सांस लेने में तकलीफ और गले में जलन की शिकायत के बाद बच्चों को हॉस्पिटल लाया गया था। सभी का प्राथमिक उपचार किया गया। 4-5 बच्चों की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी, उन्हें ऑक्सीजन लगाई है। इमरजेंसी टीम के अलावा पूरी पेडेट्रिशियन टीम और एक्स्ट्रा नर्सिंग स्टाफ को ड्यूटी पर लगाकर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। पिछले 24 घंटे में एक साथ बड़ी संख्या में लोग प्रदूषण संबंधी शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे हैं। अधिकतर मरीजों में सांस फूलना, दम घुटना और एलर्जी जैसी समस्याएं पाई गईं। खांसी और गले में चुभन होने लगी LBS स्कूल के स्टूडेंट शौर्य पाराशर और राहुल सिंह सोढा ने बताया कि सुबह सभी स्टूडेंट्स भगवान की आरती करने के बाद मैस पहुंचकर ब्रेकफास्ट करने लगे। बाहर निकले तो धुंध छाई हुई थी। थोड़ी देर में वहां मौजूद हर बच्चे को खांसी आने लगी और गले में चुभन होने लगी। ज्यादा बच्चों के संक्रमित होने पर स्कूल प्रशासन ने बच्चों को अस्पताल में भर्ती करवाया। स्कूल डायरेक्टर सरोज कड़वासरा ने बताया कि सभी बच्चे अभी रिकवर हो रहे हैं। अभी तक हवा में अचानक बढ़े इंफेक्शन के कारणों का पता नहीं चल सका है।