जयपुर के ज्ञान विहार स्कूल में K-12 कंप्यूटर साइंस शिक्षा में कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एथिकल एआई प्रैक्टिसेज़ को एकीकृत करने विषय पर मंगलवार को एक दिवसीय शिक्षकों की कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों और व्यावहारिक रणनीतियों से सशक्त बनाना था, ताकि वे इन सिद्धांतों को स्कूल के पाठ्यक्रम में प्रभावी ढंग से शामिल कर सकें। शहर के विभिन्न विद्यालयों से 50 से अधिक शिक्षकों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। कार्यशाला का नेतृत्व डॉ. भावना छिब्बर ने किया, जो एक अनुभवी शिक्षिका, लेखिका, मास्टर ट्रेनर (साइबर सुरक्षा), सीबीएसई रिसोर्स पर्सन, एनसीईआरटी की ट्रेनर पाठ्यक्रम डेवलपर और आईआईएम कलकत्ता की भूतपूर्व छात्रा हैं। वह कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एआई शिक्षा की विशेषज्ञ हैं। डॉ. छिब्बर ने संवादात्मक सत्रों, जीवंत प्रदर्शनों और समूह चर्चाओं के माध्यम से शिक्षकों को समस्या समाधान, एल्गोरिदमिक सोच और नैतिक जागरूकता को शिक्षण प्रक्रिया में सम्मिलित करने के व्यावहारिक तरीके बताए। सर्कल हेड प्रियंका दीक्षित ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और विद्यार्थियों को एआई-संचालित भविष्य के लिए तैयार करने के महत्व पर प्रकाश डाला। समापन सत्र में उन्होंने शिक्षकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।कार्यशाला का समापन धन्यवाद ज्ञापन और प्रमाणपत्र वितरण के साथ हुआ। प्रतिभागी शिक्षकों ने इस कार्यशाला को ज्ञानवर्धक, व्यावहारिक और प्रेरक बताया और अपने विद्यालयों में सीखी गई नई रणनीतियों को लागू करने की उत्सुकता व्यक्त की। यह पहल K-12 शिक्षकों में उत्तरदायी और नवाचारी डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।