बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सीमा पोद्दार ने कहा है कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी और सहयोग आवश्यक है। बूंदी जिले में प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन, बाल अधिकारिता विभाग और आमजन के संयुक्त प्रयासों से कई बाल विवाह समय रहते रुकवाए गए हैं। अध्यक्ष ने बताया कि बूंदी जिले में प्रभावी टीमवर्क, त्वरित सूचना, गोपनीय कार्रवाई और सामाजिक जागरूकता के कारण उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि समाज, परिवार, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, युवा और सामाजिक संगठन मिलकर कार्य करें, तो ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। अध्यक्ष ने आमजन से अपील की है कि किसी भी बाल विवाह या बाल श्रम की सूचना तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दी जाए। उन्होंने कहा कि एक जागरूक नागरिक के रूप में प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों के अधिकारों, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए आगे आए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बूंदी की यह पहल केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत कदम है। इसे जनसहयोग से और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
