जवाहर कला केंद्र के कृष्णायन सभागार में प्लेटोनिक लव कार्यक्रम का भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण हुआ। कवयित्री एवं लेखिका अंशु हर्ष की ओर से प्रस्तुत इस अनूठी संध्या में कविता, संगीत और रूहानी जुड़ाव का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने श्रोताओं के दिलों को छू लिया। कार्यक्रम में अंशु हर्ष ने अपनी 27 कविताओं का मनभावन वाचन किया। उनके शब्दों की संवेदना और भावों को गहराई देने के लिए सुप्रसिद्ध गायक अमित गंधर्व ने अपने मधुर गीतों से मंच को सुरों से सजाया। कविता और संगीत की इस जुगलबंदी ने सभागार में मौजूद दर्शकों को आत्मिक रूप से जोड़ते हुए एक विशेष अनुभूति प्रदान की। अंशु हर्ष ने कहा कि वे अपनी कविताओं का अर्थ स्वयं नहीं बतातीं, क्योंकि हर पाठक और श्रोता कविता को अपनी संवेदनाओं, अनुभवों और मन:स्थिति के अनुसार समझता है। उन्होंने दर्शकों को कविता और संगीत की लहरों में डूबकर अपने भीतर के भावों को महसूस करने का आमंत्रण दिया। कार्यक्रम का केंद्रीय भाव एक गहरे, परिपक्व और रूहानी प्रेम पर आधारित था, ऐसा जुड़ाव जो मीरा के कृष्ण प्रेम की तरह आत्मिक और विश्वास से भरा हो। ऐसा प्रेम जिसमें न मिलने की आवश्यकता होती है, न संवाद की; फिर भी दो आत्माओं को एक अदृश्य डोर बांधे रखती है। अंशु हर्ष की कविताएं इस आंतरिक अनुभूति को शब्द देती रहीं और अमित गंधर्व की आवाज़ ने इन भावों को और भी जीवंत कर दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कमला पोद्दार ग्रुप, सात्विक, वर्ल्ड ऑफ वर्ड्स, थार सर्वोदय संस्थान और सिम्पली जयपुर स्टूडियो का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
