सांसद हनुमान बेनीवाल को फिलहाल विधायक आवास खाली नहीं करना होगा। जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने बेनीवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए संपदा अधिकारी के यहां चल रही कार्रवाई पर रोक लगा दी हैं। साथ ही कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी करके जवाब भी मांगा हैं। बेनीवाल ने याचिका दायर करके कहा था कि आवास खाली कराने की प्रक्रिया में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत की पालना नहीं की जा रही है। सुनवाई और तथ्य रखने का नहीं दिया जा रहा मौका
अधिवक्ता सुमित्रा चौधरी और प्रेमचंद शर्मा ने बताया कि याचिकाकर्ता को सरकार के प्रार्थना पत्र पर संपदा अधिकारी ने 1 जुलाई को आवास खाली करने का नोटिस जारी किया। जिसकी पहली सुनवाई 11 जुलाई को हुई। उसके बाद संपदा अधिकारी अनावश्यक रूप से जल्दबाजी कर रहे हैं। वहीं उनकी ओर से दायर आवेदनों को मनमाने ढंग से अपमानजनक टिप्पणियों के साथ खारिज किया जा रहा हैं। संपदा अधिकारी का यह आचरण राज्य के पक्ष में उनके पूर्वाग्रह को दर्शाता हैं। ऐसे में संपदा अधिकारी की ओर से जारी नोटिस और उसके आधार पर की जा रही कार्रवाई को रद्द किया जाए। करीब दो साल पहले आवंटित हुआ था फ्लैट
हनुमान बेनीवाल को करीब दो साल पहले विधानसभा के सामने विधायक आवास में फ्लैट A-3/703 आवंटित हुआ था। लेकिन लोकसभा चुनाव में हनुमान बेनीवाल के सांसद बन जाने पर सरकार ने जून माह में विधायक आवास खाली कराने के लिए संपदा अधिकारी के यहां प्रार्थना पत्र दायर किया। जिस पर संपदा अधिकारी सुनवाई कर रहे थे।
