उदयपुर शहर के सविना खेड़ा क्षेत्र में ​सरकारी जमीन पर हुए निर्माण को चार दिन पहले ध्वस्त किया गया था। मामले में मचे बवाल के बीच सोमवार को कार्रवाई करने वाले उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) के कमिश्नर ने कहा- मामले में सरकारी जमीन बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई के​ लिए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। बोले वहां किसी का घर नहीं उजाड़ा, वरन सरकारी जमीन पर बनी चारदीवारी और को​टड़ियां ही तोड़ी थी। यूडीए कमिश्नर राहुल जैन ने यूडीए कैंपस में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- मामले में उस जगह पर जो कार्रवाई की गई, उससे जुड़े कुछ दस्तावेज उनके पास आए हैं। इनके आधार पर वे पुलिस को दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट देंगे। मामले में कानूनी कार्रवाई के लिए कहा जाएगा। यूडीए के कार्मिक की लापरवाही तो कार्रवाई होगी
यूडीए कमिश्नर राहुल जैन ने बताया कि वहां प्रभावित हुए लोग अपने दस्तावेज यूडीए में देंगे, ताकि उनके दस्तावेजों को भी आधार बनाकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वे अपने स्तर पर सीधे भी अपने साथ किए धोखे को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराएं। जैन ने कहा कि यूडीए इस मामले में पूरी जांच कर रहा है। अगर यूडीए के किसी कार्मिक की भी लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी। 2013 में कोई अतिक्रमण नहीं था, 2018 बाद होने लगे
यूडीए कमिश्नर राहुल जैन ने कहा- 2013 से अब तक के गूगल अर्थ के मैप जारी किए। इसमें बताया गया कि 2013 के मैप में कोई अतिक्रमण नहीं था और 2018 में और इसके बाद निरंतर वहां अतिक्रमण होने लगे। 2025 के मैप में वहां सरकारी जमीन पर कई भूखंड काट दिए गए। जैन ने बताया कि यूडीए ने अभी चार दिन पहले ही नहीं,, इससे पहले भी कई बार कार्रवाई कर चुका है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी 1 मार्च 2023, 7 जून 2024 एवं 7 जनवरी 2025 को इसी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है। सरकारी भूमि पर बनाए चारदीवारी, कमरों को तोड़ा
यूडीए कमिश्नर राहुल जैन ने कहा- वहां यूडीए ने राजस्व ग्राम सविना खेड़ा के आराजी संख्या 1545 से 1553, 1536, 1539, 1540 सहित अन्य सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण कर बनाई चारदीवारी, कमरे, कोटड़ियां आदि को ही तोड़ा। वहां टीम ने जिन निर्माण को हटाया, उसमें कोई भी व्यक्ति निवासरत नही था। जैन ने बताया कि वहांलगभग 52 निर्माण जिसमे कोटड़ी, कमरे एवं करीब 20 निर्माणाधीन मकान थे, जिन्हें हटाया गया। खरीदारों में सरकारी कर्मचारी भी शामिल
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वहां कब्जे वाले भूखंड इकरारनामे के जरिए खरीदने वालों में कुछ सरकारी कर्मचारी भी हैं। इन्हें लेकर विस्तार से जांच की जा रही है। इसके अलावा जिला परिषद, बिजली निगम और जलदाय विभाग के अधिकारियों से भी जानकारी मांगी गई है। इकरारनामा दस्तावेजों में कई खामियां संबंधित ये खबरें भी पढ़ें…. उदयपुर में घरों पर चला बुलडोजर:सरकारी जमीन पर बने 72 निर्माण और 50 दीवार गिराई, कीमत 110 करोड़, विधायक आवास पर प्रदर्शन कांग्रेस कार्यकर्ता और पुलिस हुए आमने-सामने:UDA के बाहर हंगामा, गेट पर चढ़े; पुलिस ने दिया धक्का, अतिक्रमण हटाने में लोगों के घर तोड़ने का आरोप