डीग जिले में एक महिला की गोबर के उपले के ढेर (बिटोरा) में जिंदा जलाकर हत्या करने के बाद परिजन और ग्रामीण अधजले शव को श्मशान घाट में जलाने ले गए। पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने उसके साथ भी मारपीट कर दी। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल के साथ पहुंचे अधिकारियों ने शव को चिता से उठाकर डीग जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। मामला जिले के खोह थाना इलाके के काकड़ा गांव का मंगलवार दोपहर 12 बजे का है। खोह थानाधिकारी महेंद्र शर्मा ने बताया- सरला देवी (42) पत्नी अशोक को उनके घर के पास बने बिटोरा में जिंदा जलाने के बाद अधजले शव को श्मशान ले जाने की सूचना मिली थी। इस पर चार-पांच पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया और गांव में नहीं घुसने दिया। पुलिस जैसे-तैसे करके श्मशान तक पहुंची तो ग्रामीण शव को चिता पर रखकर जलाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने जलाने से रोका तो मारपीट की पुलिस ने उनको रोकने और शव को उठाकर डीग अस्पताल ले जाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों की वर्दी फाड़ दी और मारपीट कर दी। पुलिसकर्मी जान बचाकर मौके से भागे और उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना दी। इसके बाद एडिशनल एसपी अखिलेश शर्मा और एसओ मनीष गुर्जर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मृतका के शव को श्मशान से उठवाकर डीग अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। काकड़ा गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और हत्या के कारणों की जांच कर रही है। पति और परिजनों पर लगाया हत्या का आरोप मृतका सरला के परिजन डीग अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतका के पति अशोक और उसके परिवार पर हत्या का आरोप लगाया है। सरला का पीहर रोनिजा में है, जो नगर के पास स्थित है। उनकी शादी 2005 में काकड़ा निवासी अशोक के साथ हुई थी। दंपती का कोई बच्चा नहीं था।