मुख्य सचिव सुधांश पंत ने जनसंपर्क अधिकारियों को राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनता को सही, समय पर और सरल भाषा में सूचना मिलनी चाहिए। पंत ने जनसंपर्क सेवा के अधिकारियों को संबंधित जिलों और विभागों में ‘ऑनरशिप’ के साथ सक्रिय और आक्रामक दृष्टिकोण अपनाने को कहा। उन्होंने खबरों में ‘कंटेंट’ को महत्व देने पर जोर दिया, जिसमें ‘ह्यूमन एंगल’ होने से वह लोगों को अधिक पसंद आएगा। मुख्य सचिव ने नैरेटिव निर्माण और इमेज बिल्डिंग में भी बढ़-चढ़कर भागीदारी के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की प्रचार-प्रसार की समीक्षा मुख्य सचिव गुरुवार को शासन सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के तहत सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क सेवा के अधिकारियों पर कार्यक्रमों व गतिविधियों के कवरेज के साथ-साथ जनता में विश्वास और विश्वसनीयता का संचार करने का महत्वपूर्ण दायित्व है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को अपने कार्य का दायरा बढ़ाने और विभागों व जिलों में सचिव, कलेक्टर एवं मंत्रीगण के सलाहकार की भूमिका निभाने को कहा। यह भूमिका प्रचार-प्रसार के कार्यों को प्रभावी बनाने में सहायक होगी। मीडिया स्ट्रेटेजी बनाकर प्रचार-प्रसार के कार्यों को गति देने के निर्देश उन्होंने गलत खबरों को सत्यापित कर समयबद्ध तरीके से उनके फैक्ट चैक, खंडन और तथ्यात्मक रिपोर्ट जारी करने के निर्देश दिए। पंत ने सभी प्रकार के मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित गलत खबरों के संदर्भ में वास्तविक और तथ्यात्मक स्थिति पर आधारित समाचार तैयार कर आमजन तक सही जानकारी प्रसारित करने पर बल दिया। इसके लिए मीडिया स्ट्रेटेजी बनाकर प्रचार-प्रसार के कार्यों को गति देने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि सोशल मीडिया के युग में जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, और उनकी जवाबदेही 24×7 की होती है। उन्होंने भ्रामक और तथ्यहीन खबरों को रोकने के लिए आमजन तक सही जानकारी समयबद्ध रूप से पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। जन संपर्क विभाग राज्य सरकार की आंख, नाक, कान उन्होंने सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग को राज्य सरकार की आंख, नाक, कान बताते हुए भ्रामक एवं तथ्यहीन नकारात्मक खबरों पर संबंधित विभाग का पक्ष पूरी बेबाकी से रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को फोटो, वीडियो, उपलब्धियों और सफलता की कहानियों का निरंतर संकलन कर कंटेंट बैंक तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे महत्वपूर्ण अवसरों पर विशेष कंटेंट निर्माण में उनका उपयोग हो सके। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के विज्ञापनों में प्रभावी कंटेंट का समावेश कर उन्हें और अधिक सारगर्भित बनाएं। इससे पहले सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के आयुक्त एवं शासन सचिव संदेश नायक ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के प्रचार-प्रसार कार्यों एवं गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) डॉ. गोरधन लाल शर्मा, अतिरिक्त निदेशक (पुलिस मुख्यालय) डॉ. कमलेश शर्मा, अतिरिक्त निदेशक (सूजस) नर्बदा इंदोरिया, संयुक्त निदेशक मनमोहन हर्ष, जसराम मीणा, रजनीश शर्मा, उपनिदेशक तरूण जैन, ओटाराम चौधरी, अजय कुमार, विजय खंडेलवाल, मुख्य फोटो अधिकारी छोटूलाल जीनगर एवं सहायक निदेशक आशीष कुमार जैन उपस्थित रहे। बैठक में प्रदेश के समस्त जिला जनसंपर्क कार्यालयों के जन सम्पर्क सेवा के अधिकारी एवं विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत जन सम्पर्क सेवा के अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।
