राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से मलेशिया में फंसा पंजाब का एक युवक दलजीत सिंह सुरक्षित अपने घर लौट आया है। जालंधर जिले के नसीरपुर गांव का निवासी दलजीत सिंह 31 अक्टूबर को भारत पहुंचा। वह पिछले सात-आठ महीनों से अपने परिवार के संपर्क में नहीं था। दलजीत सिंह 2018 में टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया गया था। उसने बताया कि कई साल काम करने के बावजूद उसे न तो वेतन मिला और न ही न्याय। मालिकों द्वारा धोखाधड़ी किए जाने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दलजीत ने जेल की भयावह कहानी सुनाई दलजीत ने जेल में बिताए अपने दिनों को भयावह बताया। उसने कहा, “एक छोटे से कमरे में 70 से 80 कैदियों को ठूंसकर रखा जाता था, जहां सांस लेना भी मुश्किल हो जाता था।” उसने यह भी बताया कि जेल का खाना बहुत खराब था, जिसके कारण उसे भारत लौटने के बाद भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। राज्यसभा सांसद ने की मदद दलजीत के परिवार वालों ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी के समय उन्हें पांच महीने में वापसी का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, सात-आठ महीने बीत जाने के बाद भी कोई खबर नहीं मिली। इसके बाद, उन्होंने राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से संपर्क किया, जिनकी मदद से दलजीत की सुरक्षित घर वापसी संभव हो पाई। दलजीत सिंह ने यह भी बताया कि मलेशिया की जेलों में कई अन्य पंजाबी युवक सालों से बंद हैं। इनमें से कई तो अपने माता-पिता के संपर्क नंबर तक भूल चुके हैं और अपने घरवालों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। दलजीत की युवाओं से अपील
दलजीत ने विदेश जाने वाले युवाओं से अपील की कि टूरिस्ट वीजा पर नौकरी की उम्मीद लेकर जाना बहुत बड़ा खतरा है। उसने कहा कि विदेशों में सबसे ज्यादा शोषण उन्हीं लोगों का होता है जो टूरिस्ट वीजा पर काम करते हैं, क्योंकि वहां उनकी मदद करने वाला कोई नहीं होता। राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने इस मामले में सहयोग देने के लिए विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास का धन्यवाद किया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि अवैध तरीकों से विदेश जाने का फैसला अपने जीवन को जोखिम में डालने के बराबर है। इसलिए विदेश जाने के लिए हमेशा कानूनी और सुरक्षित रास्ते ही अपनाने चाहिए।