कोटा में बस की चेसिस काटकर लगेज डिब्बा बढ़ाने और इमरजेंसी गेट की जगह स्लीपर बर्थ बनाने पर परिवहन विभाग ने जब्त की गई तो ड्राइवर ने हमला कर दिया। कोटा शहर में स्लीपर बस चालकों की मनमानी और गुंडागर्दी सामने आई है। परिवहन विभाग की कार्रवाई के दौरान बस ड्राइवर ने विभागीय टीम पर हमला कर दिया। उन्होंने न केवल परिवहन निरीक्षक अवधेश डांगी से धक्का-मुक्की की। आरटीओ परिसर में सीज बस को जबरन निकालने की कोशिश की। इस दौरान उड़नदस्ते की गाड़ी पर पत्थर फेंके गए, जिससे उसका शीशा टूट गया। हमलावरों ने विभाग की मशीन और मोबाइल फोन छीन लिए और मौके से फरार हो गए। बस का चेसिस काटकर लगेज डिब्बा बढ़ाने पर की कार्रवाई
परिवहन निरीक्षक अवधेश डांगी ने बताया- नयापुरा क्षेत्र में कोटा से नासिक जाने वाली स्लीपर बस (एमपी 70 जेडसी 7376) को जांच के लिए रोका था। निरीक्षण में सामने आया कि बस की चेसिस काटकर लगेज डिब्बा बढ़ाया गया था। इमरजेंसी गेट की जगह स्लीपर बर्थ बनाई गई थी, जो गंभीर सुरक्षा उल्लंघन है। बस की छत पर अनधिकृत लगेज गार्ड भी लगाया गया था। इन अनियमितताओं के चलते बस को सीज कर जगपुरा स्थित परिवहन कार्यालय में खड़ा किया गया। पत्थर फेंककर शीशे तोड़ दिए
कुछ देर बाद बस चालक ने वाहन छोड़ने का दबाव बनाया और फिर अशोक, लाल सिंह और दीपक नाम के तीन लोग आरटीओ दफ्तर पहुंचे। उन्होंने गेट तोड़कर बस निकालने की कोशिश की, रोकने पर आरटीओ की गाड़ी पर पत्थर फेंककर शीशे तोड़ दिए और मशीन व मोबाइल छीन लिए। विरोध करने पर निरीक्षक से धक्का-मुक्की की गई, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। परिवहन निरीक्षक डांगी ने रानपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसमें तीनों आरोपियों के नाम शामिल हैं। रिपोर्ट में सरकारी कार्य में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं लगाई गई हैं। स्लीपर बसों में अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
आरटीओ मनीष शर्मा ने बताया कि स्लीपर बसों में अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभागीय अधिकारियों के साथ बदसलूकी और सरकारी उपकरण छीनने जैसी घटनाएं गंभीर अपराध हैं। किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।