अलवर के छठी मील हादसे में घायल 4 साल की बच्ची खुशबू की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे में खुशबू के शरीर का आधा हिस्सा पैरालाइज हो गया है और सिर में गहरी चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया है। प्रशासन की ओर से उसे ले जाने के लिए सरकारी एम्बुलेंस की व्यवस्था कराई गई है। मंगलवार को बच्चियों के परिजन और गांव के लोग एडीएम सिटी बीना महावर से मिले। एडीएम ने बच्चियों को देखकर भावुक होकर कहा कि प्रशासन हर संभव मदद करेगा। उन्होंने बच्चियों को अपना मोबाइल नंबर भी दिया और कहा, “अगर कोई परेशानी हो तो सीधे मुझे फोन करना।” बच्ची हादसे के बाद शनिवार से अलवर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती थी। जहां से उसे जयपुर रेफर किया गया है। इस मामले में सचिवालय में बच्ची के ताऊजी और समाज के कुछ लोग एडीएम से मिले। इसके बाद एडीएम बच्ची की हालत देखकर भावुक हो गई थी। ADM ने बताया कि परिवार को आयुष्मान योजना के तहत 10 लाख रुपए की सहायता दिलाई जाएगी और पीएम आवास योजना के तहत घर बनवाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। मृतक महेंद्र की बड़ी बेटी मोनिका, जो अभी भी सदमे में है, ने धीमी आवाज में कहा – “एडीएम मैडम ने कहा है कि वे हमारी छोटी बहनों की जिम्मेदारी भी उठाएंगी… लेकिन मुझे मां-बाप की बहुत याद आ रही है।” महेंद्र के बड़े भाई प्रकाश ने कहा – “अब मैं अपने भाई की बेटियों की जिम्मेदारी खुद उठाऊंगा। प्रशासन योजनाओं से मदद दिलाने की बात तो कर रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सहायता नहीं मिली है।” महेंद्र के भतीजे चरण सिंह ने बताया – “खुशबू के पेट से नीचे का हिस्सा काम नहीं कर रहा, सिर और रीढ़ की हड्डी के पास सूजन है। यहां इलाज संभव नहीं था, इसलिए डॉक्टरों ने जयपुर रेफर किया है।” वहीं एडवोकेट रामजीवन बौद्ध ने कहा कि उनकी संस्था तीनों बच्चियों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएगी, ताकि वे पढ़-लिखकर खुद अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। शनिवार को अलवर के छठी मील क्षेत्र में एक थार गाड़ी ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी थी। इस भीषण हादसे में नांगल खेड़ा निवासी महेंद्र (35), उनकी पत्नी गुड्डी (35), बेटा पूर्वांश (2) और भतीजी पायल (8) की मौत हो गई थी। जबकि महेंद्र की 4 साल की बेटी खुशबू गंभीर रूप से घायल हो गई थी। ये खबर भी पढ़िए ‘वीडियो देखा तो पता चला थार ने सबको कुचल दिया’:पिता बोले-बेटे-बहू और पोते की मौत हो गई, घर में 4 बेटियां बची, कौन संभालेगा हम दोनों बहनों के 9 बच्चे हैं। उनमें 1 ही लड़का था, वो भी चला गया। अब हमारे पास कुछ नहीं बचा। मैं शादी में नहीं गई थी, घर पर ही थी। हमें तो आसपास के लोगों हादसे का वीडियो दिखाया तो घटना का पता चला। अब हमारा कोई सहारा नहीं रहा। गुड्डी के तो अब सिर्फ 4 बेटियां ही बची हैं। यह कहना है अलवर हादसे में जान गंवाने वाली गुड्‌डी की बहन सुनीता का। शनिवार शाम 7:34 बजे तेज रफ्तार थार ने शादी से लौट रहे बाइक सवार परिवार को कुचला दिया था। (पढ़ें पूरी खबर)