लुधियाना में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के लिए तरनतारन उपचुनाव से पहले मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और दिग्गज दलित नेता स्वर्गीय सरदार बूटा सिंह के खिलाफ चुनावी रैली में की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर लुधियाना में आज दलित समुदाय का गुस्सा चरम पर दिखा। शहर में दो जगह दलित समुदाय के लोगों ने वड़िंग के खिलाफ कड़ा विरोध प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंककर अपने गुस्से का इजहार किया। पहला घंटा घर चौक में बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर वड़िंग ने तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। वही दूसरा हल्का गिल के धांधरा रोड जैन मंदिर चौक पर राजा वडिंग का पुतला फूंका गया । इस प्रदर्शन का नेतृत्व अनुसूचित जाति मोर्चा अध्यक्ष श्री के.पी. राणा ने किया । क्या है विवाद वड़िंग ने तरनतारन उपचुनाव के प्रचार के दौरान बूटा सिंह का जिक्र करते हुए कथित तौर पर उनकी जाति और रंग को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि बूटा सिंह ‘मजहबी सिख’,बाल्मीकि सिख’ थे, उनका रंग ‘काला’ था और वह ‘भैंसों को चारे के बंडल’ डालते थे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें देश का गृह मंत्री बनाया। विपक्षी पार्टियां शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी ने इन टिप्पणियों को दलित समुदाय का अपमान करार देते हुए वड़िंग पर तीखा हमला बोला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने वड़िंग को इस मामले में अपना स्पष्टीकरण देने के लिए 6 नवंबर को पेश होने के लिए समन जारी किया है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने भी उनकी टिप्पणी पर नोटिस जारी किया है। विवाद बढ़ता देख, राजा वड़िंग ने तुरंत बिना शर्त माफी मांग ली है।