जयपुर के हरमाड़ा में मौत बनकर दौड़े डंपर ने 14 लाशें बिछा दी। जो भी रास्ते में आया, कुचलता चला गया। ये हादसा नहीं, सामूहिक हत्याकांड था। सामूहिक हत्याकांड की वजह एक मामूली झगड़ा। भास्कर रिपोर्टर ने घटना स्थल से करीब 1 किलोमीटर पहले के सीसीटीवी फुटेज जुटाए। इनमें सामने आया कि डंपर ने सबसे पहले सड़क पर एक बाइक को टक्कर मारी थी। इसके बाद एक कार वाले ने डंपर ड्राइवर को पकड़ने के लिए पीछा किया। उसी से पीछा छुड़ाने के लिए ड्राइवर ने डंपर को 120 किमी की रफ्तार से दौड़ाया। 17 गाड़ियों को टक्कर मारी और 14 जिंदगियों को कुचल दिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… लोहामंडी से रॉन्ग साइड एक डंपर 14 नंबर की ओर जा रहा था। रॉन्ग साइड जा रहे डंपर ने गजराज मैरिज गार्डन के पास एक बाइक को टक्कर मारी। टक्कर मारने के बाद डंपर रुका नहीं। गुस्साए लोगों ने उसका पीछा किया। डंपर को पकड़ने के लिए एक कार सवार ने उसके पीछे गाड़ी लगा दी। थोड़ी दूर चलने के बाद कार ने डंपर को ओवरटेक कर लिया। गुस्साए डंपर ड्राइवर ने कार को टक्कर मारी। इसके बाद जैसे ही कार थोड़ी आगे हुई, ड्राइवर ने डंपर रॉन्ग साइड में दौड़ा दिया। करीब 1 किलोमीटर बाद वह राइट साइड में आ गया, लेकिन स्पीड कम नहीं की। कार वाले से पीछा छुड़ाने के लिए 100 किलोमीटर से अधिक स्पीड में डंपर को दौड़ाया। रास्ते में जाे भी आया, उसे कुचलता चला गया। इलाके में बच्चों का स्कूल भी था। पांच मिनट बाद छुट्टी होने वाली थी। इसी पांच मिनट की देरी से कई बच्चों की जान बच गई, नहीं तो हादसा और भयावह हो सकता था। सड़क पर हर तरफ खून, कटी–फटी लाशें
डंपर ने 500 मीटर की दूरी में कई लोगों को रौंद डाला। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि डंपर की टक्कर से लोग कई फीट दूर तक गिर रहे थे। रोड पर जगह-जगह खून बिखरा था। कटी-फटी लाशें पड़ी हुई थी। हादसे में कई गाड़ियों को चकनाचूर करने और लाशों का ढेर लगाने के बाद डिवाइडर से टकराने पर डंपर रुका। नशे की हालत में मिले ड्राइवर को लोगों ने जमकर पीटा। हादसे के समय डम्पर खाली था। मसीहा बने युवा, पुलिस और एंबुलेंस का इंतजार न कर खुद हॉस्पिटल पहुंचाया
हादसे में कई लोग घायलों की मदद के लिए आगे आए। ऐसे ही एक युवक राहुल चौधरी ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद हम घायलों की मदद के लिए पहुंच गए। पुलिस को सूचना देने के बाद भी वो आधा घंटा देर से आई। जाम की वजह से एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं मिला। सरकारी मदद का इंतजार किए बिना हमने कार, पिकअप, ऑटो, बाइक जो मिला, उससे घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जिनकी मौके पर ही मौत हो गई थी, उनके शवों को गाड़ी तोड़कर सड़क पर रखा, ताकि लोग पहचान कर सकें। ड्राइवर को पुलिस ने सबसे पहले भीड़ से बचाकर मुरलीपुरा थाना पहुंचाया। नहीं तो गुस्साई भीड़ उसके साथ कुछ भी कर सकती थी। घायलों की मदद करने वाले सुमित जांगिड़ ने बताया कि कैंटर से टक्कर होने के बाद डंपर नहीं रुकता तो सीकर रोड पर भी तबाही मचती। ओवरलोड चालानों के बावजूद सड़कों पर दौड़ रहा था डंपर
जिस डंपर (RJ14-GP-8724) के कुचलने से 14 लोगों की मौत हुई, उसके खिलाफ ओवरलोडिंग के 3 चालान पहले से दर्ज हैं। इनमें से 17 हजार रुपए का एक चालान अब तक जमा नहीं हुआ है। चालान लंबित होने के बावजूद यह डंपर लगातार सड़कों पर दौड़ता रहा। जांच में सामने आया है कि यह डंपर अलंकार कंस्ट्रक्शन कंपनी के नाम पंजीकृत है, जिसका ऑफिस जयपुर में विद्याधर नगर के बालाजी टॉवर में स्थित है। डंपर का रजिस्ट्रेशन 15 फरवरी 2023 को हुआ था। हालांकि डंपर के अन्य दस्तावेज पूरे हैं। परमिट मार्च 2028 तक, फिटनेस सर्टिफिकेट फरवरी 2027 तक और प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUCC) 4 जून 2026 तक वैलिड है। जयपुर डंपर एक्सीडेंट से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… जयपुर-डंपर ड्राइवर ने सड़क पर बिछा दी 14 लाशें, VIDEO:17 गाड़ियों को कुचला, कार मालिक से भी हुई थी कहासुनी; नशे में था दो भतीजी को छोड़ने आया था, डंपर ने कुचल दिया:प्रत्यक्षदर्शी बोले- भागो-भागो की आवाज आने लगी; बच पाता इससे पहले टक्कर मार दी जयपुर में 1KM तक लोगों को कुचलता गया डंपर:100 की रफ्तार में तिनके की तरह रौंदा; मांस के लोथड़े गाड़ियों पर चिपके, हाथ-पैर कटे
