बीकानेर में सोलर कंपनी मालिक 2 भाइयों ने अपने भांजों की शादी में एक करोड़ 56 लाख रुपए का मायरा भरा। 1 करोड़ 11 लाख रुपए कैश, सवा किलो चांदी और 31 बरी (372 ग्राम) सोना भेंट किया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपए आंकी गई है। दरअसल, नोखा तहसील के सीनियाला गांव में रविवार को सोलर कंपनी मालिक भंवरलाल लेघा और जगदीश लेघा ने अपनी बहन मीरा गोदारा के दो बच्चों बजरंग और रामदेव गोदारा की शादी में मायरा भरा। लेघा भाइयों ने बताया- हम दो भाई और तीन बहनें हैं। यह हमारे परिवार का पहला मायरा है। बहन के सुखद भविष्य के लिए यह हमारे जीवन का सबसे खूबसूरत पल है। समारोह में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने परिवार को आशीर्वाद दिया। मायरे में दिए कैश की थाली बेनीवाल ने खुद संभाली और रीति रिवाज में शामिल हुए। क्या होता है मायरा
बहन के बच्चों की शादी होने पर ननिहाल पक्ष की ओर से मायरा भरा जाता है। इसे भात भी कहते हैं। इस रस्म में ननिहाल पक्ष की ओर से बहन के बच्चों के लिए कपड़े, गहने, रुपए और अन्य सामान दिया जाता है। इसमें बहन के ससुराल पक्ष के लोगों के लिए भी कपड़े और जेवरात आदि होते हैं। ये है मान्यता
मायरा की शुरुआत नरसी भगत के जीवन से हुई थी। नरसी का जन्म गुजरात के जूनागढ़ में मुगल बादशाह हुमायूं के शासनकाल में हुआ था। नरसी जन्म से ही गूंगे-बहरे थे। उनके माता-पिता एक महामारी का शिकार हो गए थे। वे दादी के पास रहते थे। उनके भाई-भाभी भी थे। भाभी का स्वभाव कड़क था। एक संत की कृपा से नरसी की आवाज वापस आ गई थी। उनका बहरापन भी ठीक हो गया था। नरसी की शादी हुई, लेकिन पत्नी की मौत जल्दी ही हो गई। नरसी का दूसरा विवाह कराया गया था। समय बीतने पर नरसी की बेटी नानीबाई का विवाह अंजार नगर में हुआ था। इधर, नरसी की भाभी ने उन्हें घर से निकाल दिया था। नरसी श्रीकृष्ण के अटूट भक्त थे। वे उन्हीं की भक्ति में लग गए थे। नरसी ने सांसारिक मोह त्याग दिया और संत बन गए थे। उधर, नानीबाई ने बेटी को जन्म दिया और बेटी विवाह योग्य हो गई थी। उसके विवाह पर ननिहाल की तरफ से भात भरने की रस्म के चलते नरसी को सूचित किया गया था। नरसी के पास देने को कुछ नहीं था। उसने भाई-बंधु से मदद की गुहार लगाई। मदद तो दूर कोई भी चलने तक को तैयार नहीं हुआ था। अंत में टूटी-फूटी बैलगाड़ी लेकर नरसी खुद ही बेटी के ससुराल के लिए निकल पड़े थे। बताया जाता है कि उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण खुद भात भरने पहुंचे थे। —————— मायरे से जुड़ी ये खबर में भी पढ़ें- भांजा-भांजी की शादी में भरा 3 करोड़ का मायरा:1.51 करोड़ रुपए नकद लेकर पहुंचे 3 मामा; सोने-चांदी के गहने और 2 प्लॉट भी दिए शादी में मायरा (भात) भरने की प्रथा को लेकर राजस्थान का नागौर जिला एक बार फिर चर्चा में है। 3 भाइयों ने अपने भांजे-भांजी की शादी में 1 करोड़ 51 लाख रुपए नकद, सोने-चांदी की ज्वेलरी और शहर में 2 प्लॉट समेत करीब 3 करोड़ रुपए का मायरा भरा। (पढ़े पूरी खबर) IITian भांजे की शादी में भरा 13.71 करोड़ का मायरा:गाजे-बाजे के साथ पहुंचे बिजनेसमैन मामा; 1.31 करोड़ कैश, गहने, जमीन और गाड़ी दी नागौर में दो बिजनेसमैन भाइयों ने बुधवार को IITian भांजे की शादी में 13.71 करोड़ का मायरा (भात) भरा। दोनों भाइयों ने 1.31 करोड़ रुपए थाली में रखे। करीब डेढ़ करोड़ की एक किलो 600 ग्राम सोने की ज्वेलरी और 11 लाख रुपए की 5 किलो चांदी के जेवर दिए। (पढ़ें पूरी खबर)
