देव प्रबोधिनी एकादशी के मौके पर पुष्कर सरोवर में पंचतीर्थ का पहला स्नान शुरू हो गया है। इसी के साथ पुष्कर के सालाना धार्मिक मेला भी शुरू हो गया। 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाले महास्नान के साथ यह समाप्त होगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु का पहुंचना भी जारी है। स्नान रविवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त के बीच शुरू हुआ। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक शुक्ल एकादशी से पूर्णिया तक जगत पिता ब्रह्मा जी ने पुष्कर सरोवर में सृष्टि यज्ञ किया था। इस दौरान स्वयं ब्रह्माजी सहित सभी 33 कोटि देवी देवता अंतरिक्ष की जगह ब्रह्म सरोवर में ही विद्यमान रहते हैं, तथा सरोवर में स्नान करने मात्र से अक्षय पुण्य फल की प्राप्ति होती है। पंच तीर्थ स्नान को पांच भीष्म स्नान भी कहते हैं। वहीं दूसरी तरफ पुष्कर के गुरुद्वारे से आध्यात्मिक यात्रा भी शुरू हुई। यात्रा नए रंगजी मंदिर से शुरू होकर मेल स्टेडियम पहुंची। यात्रा का जगह-जगह स्वागत भी किया गया। ये खबर भी पढ़ें… 14-साल के बच्चे ने ऊंट के मुंह में गर्दन डाली:101 ज्वेलरी से कैमल का श्रृंगार; एक टांग पर दौड़ी विदेशी युवतियां पुष्कर सरोवर के 52 घाटों पर सवा लाख दीपक जगमगाए:महाआरती के बाद हुई आतिशबाजी; डिप्टी सीएम ने छात्राओं के साथ किया डांस पुष्कर मेले में आया 15 करोड़ का घोड़ा:5 साल का बादल 285 बच्चों का बाप; 800KG का भैंसा और 16 इंच की गाय भी पहुंची पुष्कर मेले में पहुंचे सबसे छोटी हाइट के घोड़े:काजू-बादाम खाने वाला घोड़ा भी आया, AC वाहनों से पहुंच रहे पुष्कर मेले में पहुंचे अंबानी के घोड़े के बेटे:एक करोड़ की घोड़ी नगिना भी पहुंची; इस बार आएगी दुनिया की सबसे छोटी गाय