असम से 10 साल पहले गुम हुई महिला घर से 2000 किमी दूर भरतपुर के अपना आश्रम में मिली। शनिवार को बेटा लेने पहुंचा। मां- बेटे गले लगकर फूट-फूटकर रोए। यह देख वहां मौजूद स्टाफ की आंखें भर आईं। बेटा शाम को मां के साथ असम लिए रवाना हुआ। अपना घर आश्रम के सचिव बसंत लाल गुप्ता ने बताया- असम के जोरहाट जिले के राजबाड़ी गांव निवासी रूपा बेन मानसिक रूप से बीमार होने के कारण साल 2015 में घर निकल गई थी। परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद परिवार ने उन्हें मरा हुआ मान लिया। गुजरात के सूरत में अपना घर आश्रम की टीम ने रूपा को रेस्क्यू किया। इसके मानसिक उपचार के लिए साल 2018 में भरतपुर की अपना घर आश्रम भेज दिया। इलाज के बाद जनवरी 2025 में रूपा की तबीयत सही हुई तो उन्होंने अपने घर के बारे में बताया। अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला मां के जाने के बाद पिता की मौत हुई, मजदूरी कर परिवार संभाला
जयंत ने बताया- जब मां घर से निकली थी, तब मैं 12 साल का था। मां को पिता ने काफी ढूंढा, जब उनका कुछ पता नहीं लगा तो इसी गम में पिता का निधन हो गया। घर में रूपा बेन के बड़े बेटे जयंत के अलावा छोटा बेटा सनी और एक बेटी है। तीनों बच्चों ने कठिनाइयों में एक- दूसरे को संभाला। जयंत ने मजदूरी करके घर चलाया। हाल ही में जयंत की शादी भी पक्की हो गई है, ऐसे में मां के मिलने के बाद घर में खुशियां दोगुनी हो गई है। ये खबर भी पढ़िए…
17-साल बाद मिली बिछड़ी मां, गले से लिपटकर रोई बेटी:बेटा बोला- कई बार सोचा ढूंढ कर लाऊंगा, लोग कहते थे जिंदा भी हैं या नहीं 17 साल पहले बिछड़ी मां जब बेटी से मिली तो दोनों एक-दूसरे से लिपटकर रोने लगे। बेटा नम आंखों से अपनी बहन और मां को देखता रहा। पूरी खबर पढ़िए
