जोधपुर में ठगों ने लोगों को मुनाफे का लालच देकर 3 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने सबसे पहले ठेकेदार को यह कहकर फंसाया कि वे उसे रातों-रात करोड़पति बना देंगे, बस उसे उनके कहे अनुसार चलना होगा। ठेकेदार ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी और परिवार के शुभ कार्यों के लिए रखी गई राशि, कुल 12 लाख रुपए नकद निवेश कर दिए। इतना ही नहीं, उसने अपने रिश्तेदारों को भी भरोसे में लेकर लगभग 3 करोड़ रुपए का निवेश करवाया। लेकिन जब पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी भड़क उठे और उन्हें धमकाने लगे। उन्होंने कहा कि उनकी पुलिस और राजनीति में ऊंची पहुंच है, अगर शिकायत की तो उलटा उन्हें ही फंसा देंगे। पीड़ित ने महामंदिर थाना क्षेत्र में मामला दर्ज करवाया, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस ठगी के चलते पीड़ित का व्यवसाय पूरी तरह से ठप हो गया है, और उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। इस सदमे के कारण मार्च 2025 में उनके पिता को दिल का दौरा पड़ा। हालांकि अभी वे स्वस्थ है। अब 5 पॉइंट में समझिए ठगी की पूरी कहानी… 1. बड़े बिजनेसमैन मिलकर एक निवेश कंपनी चला रहे
लूनी तहसील के नन्दवान गांव के रहने वाले ठेकेदार पुरुषोत्तम मारू ने पुलिस को रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में पुरुषोत्तम मारू ने बताया कि वे पिछले 15 सालों से प्रॉपर्टी डीलिंग और मकान निर्माण का कार्य कर रहे हैं। उनके परिचित घनश्याम अग्रावत, निवासी नागौरी गेट ने फोन कर बताया कि कुछ बड़े बिजनेसमैन मिलकर एक निवेश कंपनी चला रहे हैं, जो शेयर बाजार में पैसे लगाकर हर महीने 4 से 8 प्रतिशत ब्याज देती है। पुरुषोत्तम मारू ने आगे बताया कि जब उनसे मिलने की बात मानी, तो 20 जुलाई 2022 को वे घनश्याम के साथ मानजी का हत्था स्थित उस कंपनी के ऑफिस पहुंचे, जहां पहले से ही 5 लोग बैठे थे। नरपत चौहान, नरेंद्र गहलोत, महेंद्र, जितेंद्र और हीरालाल ट्रेडर। उन्होंने दावा किया कि कंपनी पिछले 2 सालों से काम कर रही है और सभी निवेशकों को समय पर लाभांश दे रही है। यहां तक कि उन्होंने पूजा-पाठ, उद्घाटन समारोह और होटल कार्यक्रमों की तस्वीरें दिखाकर कंपनी की विश्वसनीयता साबित करने की झूठी कोशिश की। 2. रिश्तेदारों ने भी लगा दी जीवन भर की कमाई
पुरुषोत्तम मारू ने कहा कि उन्होंने दस्तावेज देखने की मांग की, लेकिन आरोपियों ने गोलमोल जवाब देते हुए उन्हें और उनके परिवार को सपनों की जिंदगी दिखाने का लालच दे डाला। उन्होंने कहा कि तुम्हे रातों-रात करोड़पति बना देंगे। ऐसे वादों पर भरोसा कर उन्होंने अपनी जमा पूंजी और परिवार की शादी-ब्याह की रकम, कुल 12 लाख रुपए, 21 जुलाई 2022 को ऑफिस में नकद देकर निवेश कर दी। इसके बाद पुरुषोत्तम के रिश्तेदारों और परिचितों जैसे जगदीश मारू, अशोक मारू, राजेश जावा, यतिश शर्मा, चंवरसिंह भाटी सहित कई लोगों ने भी उनके कहने पर कंपनी में पैसा लगाया। आरोपियों ने धीरे-धीरे जोधपुर समेत अन्य जिलों के निवेशकों से लगभग 60 करोड़ रुपए कंपनी ने इकट्ठे कर लिए। 3. शेयर मार्केट में बड़ा मुनाफा हो
आरोप है कि कंपनी मालिकों ने पीड़ित और एजेंटों को फर्जी विश्वास दिलाने के लिए समय-समय पर बड़े होटलों – श्रीराम इंटरनेशनल, इण्डाना पैलेस, मारुगढ़ रिसॉर्ट और कान्हा होटल – में भव्य पार्टी और पुरस्कार वितरण समारोह रखे। इन समारोहों में कहा जाता था कि कंपनी को शेयर मार्केट में बड़ा मुनाफा हो रहा है और जल्दी ही सभी निवेशक अमीर बन जाएंगे। पुरुषोत्तम मारू को पूरी तरह विश्वास में लेने के लिए आरोपियों ने उनके नाम से महिंद्रा XUV-700 कार का मुहूर्त शो-रूम में करवाया। कहा गया कि यह कंपनी की सफलता का प्रतीक है और उन्हें सम्मान देने के लिए गिफ्ट की जा रही है। लेकिन कुछ ही समय बाद वही कार कंपनी के मालिक अपने पास ले गए। यह घटना भी अन्य निवेशकों के सामने करवाई गई ताकि सबको भ्रम हो कि कंपनी वाकई सफल है। 4. शिकायत की तो उलटा तुम्हें ही फंसा देंगे
जब पुरुषोत्तम ने कंपनी के असली लेनदेन की जांच शुरू की तो पता चला कि यह पैसे फॉरेक्स मार्केट में लगा रही है और दुबई से संचालित अवैध काम में संलिप्त है। जब उन्होंने रकम लौटाने को कहा तो आरोपी भड़क गए और धमकी दी। उन्होंने कहा कि उनकी पुलिस-राजनीति में ऊंची पहुंच है, अगर शिकायत की तो उलटा तुम्हें ही फंसा देंगे। 5. पिता को सदमे में हार्ट अटैक आया
पुरुषोत्तम मारू ने बताया कि ठगी के कारण उनका व्यवसाय बंद हो गया, परिवार आर्थिक तंगी में आ गया और पिता को सदमे में हार्ट अटैक हो गया। अब हाल यह है कि उन्हें और उनके रिश्तेदारों को अपने ही पैसों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। फिलहाल महामंदिर पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच शुरू की है।
