पाली में नाबालिग से रेप के आरोपी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपने आदेश में जज ने 4 दोहे लिखे। इसमें रामचरित मानस की चौपाई और सीता माता अपहरण से जुड़ा प्रसंग कोट किया। जज ने बाली वध का प्रसंग हवाला देते हुए लिखा- जब बाली ने श्री राम से पूछा कि आपने मुझे छिपकर क्यों मारा तो श्रीराम ने कहा- स्त्री पर बुरी नजर डालने वाले को मारना पाप नहीं है। वहीं जज ने रावण के सर्वनाश को भी कोट किया। लिखा- एक लख पूत, 10 लख नाती, उस रावण का दीया न बाती। मामला पाली के पॉक्सो कोर्ट क्रम 2 का है। फैसला जज निहालचंद ने 31 अक्टूबर को सुनाया। पाली के पॉक्सो कोर्ट के सरकारी वकील मनीष ओझा ने बताया- जज ने आरोपी मनोहर को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। मामला ब्यावर जिले के जैतारण थाने का 24 फरवरी 2025 का था। पीड़िता के परिजनों ने मामले में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रेप-किडनैपिंग का शक जाहिर किया था ओझा ने बताया- पीड़िता के परिजनों के अनुसार, 23 फरवरी को पीड़िता के पिता और मां काम पर गए थे। दोपहर को वापस आया तो घर पर उनकी नाबालिग बेटी नहीं थी। शाम करीब 7 बजे उनकी बेटी का एक नंबर से कॉल आया कि मैं घर आ रही हूं। फिर फोन बंद हो गया। 24 फरवरी को दी रिपोर्ट में मनोहर नाम के युवक पर उसकी बेटी का किडनैप और रेप करने का शक जाहिर किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को 12 मार्च 2025 को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। मामले में 31 अक्टूबर 2025 को पाली के पॉक्सो कोर्ट संख्या 2 के न्यायाधीश निहालचंद ने दोनों पक्षों के वकीलों की बहस वह गवाहों के बयान सुनने के बाद मनोहर को नाबालिग के किडनैप और रेप करने का दोषी माना और आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। रेप करने वाले पर पहले से 8 मामले दर्ज अपने फैसल में न्यायाधीश ने लिखा कि पुलिस जांच में सामने आया कि मनोहर आदतन अपराधी है। उनके खिलाफ पहले से जैतारण, सांडेराव थाने में 8 मामले दर्ज हैं। उसका आपराधिक चरित्र है। इसे उचित दंड नहीं दिया गया तो अपराधों में बढ़ोतरी होगी और समाज में गलत संदेश जाएगा। कोर्ट ने लिखा- ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’ न्यायाधीश ने मामले को गंभीर मानते हुए 4 दोहे लिखे। जिसके जरिए संदेश किया कि आप कितने भी ताकतवर क्यों न हो। नारी के साथ अपराध करने वाला सजा का ही हकदार होता है। भारतीय संस्कृति में नारी को हमेशा सम्मान और श्रद्धा की नजर से देखा गया है। करीब 5 हजार वर्ष पूर्व से यह ये वेद वाक्य चला आ रहा है कि यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमंते तत्र देवता। जिसका मतलब है कि जिस घर में नारी की पूजा होती है वहां देवता रहते हैं। यानि देवताओं का आना-जाना होता है। उन्होंने 9 देवियों के नामों का भी उदाहरण दिया। रावण के वंश का भी सर्वनाश हो गया था न्यायाधीश ने लिखा- मां सीता का अपहरण करने वाले रावण के बारे में कहा जाता है कि एक लख पूत, दस लख नाती, उस रावण का दिया न बाती…। वभवशाली, बलशाली, सोने की लंका में रहने वाला रावण। जिसके एक लाख बेटे, 10 लाख संबंधी एवं रिश्तेदार थे। उन्हें मातृ शक्ति के अपमान का इतना कठोर दंड मिला कि रावण सहित उसका साथ देने वाले सभी का अंत हुआ। दुर्योधन को भी मिली मौत न्यायाधीश ने अपने आदेश लिखा- कौरवों की सभा में द्रौपदी को निर्वस्त्र करने का प्रयास करने वाले दुर्योधन को भी दर्दनाक मौत मिली थी। इसमें दुर्योधन के साथ उसका साथ देने वाले सभी लोगों को दंड का भागीदार बनना पड़ा। रामचरित मानस का प्रसंग न्यायाधीश ने चौथा उदाहरण देते हुए श्रीराम चरित्र मानस एक प्रसंग बताया। जिसमें राजा बाली सवाल करते हैं- हे श्रीमान सुना है कि आपने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लिया। फिर मेरा वध छुपकर क्यों किया? धरम हेतु अवतरेहु गोसाई। मारेहु माहि ब्याध की नाई।। मैं वैरी सुग्रीव पियारा। अवगुण कवन नाथ मोही मारा।। इस पर भगवान श्रीराम जवाब देते हैं- अनुज वधु भगिनी, सुत नारी। सुनु सठ कन्या सम ए चारी।। इन्हहि कुदृष्टि बिलोकई जोई। ताहि वधे कछु पाप न होई।। जिसका अर्थ है – हे मूर्ख। सुन, छोटे भाई की पत्नी, बहन, पुत्र की पत्नी और कन्या ये चारों समान हैं। इनको जो भी बुरी नजर से देखता है उसे मारने में कुछ भी पाप नहीं होता है। —- पॉक्सो कोर्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 6-साल की भतीजी से रेप किया,अब अंतिम सांस तक जेल:जालोर की पॉक्सो कोर्ट का फैसला; शिकायत करने पर मासूम की मां को पीटा जालोर में 6 साल की भतीजी के साथ दरिंदगी करने वाले चाचा को पॉक्सो कोर्ट ने अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। आरोपी घर के बाहर खेल रही दो बच्चियों को बेर खिलाने के बहाने खेत पर ले गया था। (पढ़ें पूरी खबर)