जालंधर में कांग्रेस विधायक प्रगट सिंह ने पंजाबी यूनिवर्सिटी में सीनेट और सिंडिकेट भंग करने के केंद्र सरकार के फैसले पर नाराजगी जाहिर की है। इस दौरान उन्होंने पंजाब और केंद्र सरकार दोनों पर निशाना साधा। विधायक ने पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी चिंता व्यक्त की। विधायक प्रगट सिंह ने केंद्र सरकार पर पंजाब पर लगातार ‘हमला’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीबीएमबी मामले में भाजपा ने पंजाब की शक्तियां कम कीं और डैम सेफ्टी एक्ट लागू न होने से राज्य को नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि पंजाबी यूनिवर्सिटी में 59 साल पुरानी सीनेट और सिंडिकेट को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है, जिसे उन्होंने प्रशासनिक ढांचे में ‘ऐतिहासिक बदलाव’ बताया। पंजाब की सत्ता हथियाना चाहती है भाजपा : प्रगट सिंह विधायक ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी में सेमिनार और नई एडमिशन से पहले बच्चों से एक एफिडेविट लिया गया था, जिसमें कुछ नियमों पर रोक लगाई गई थी। उन्होंने आशंका जताई कि कॉलेजों में आरएसएस के प्रोफेसरों को सीनेट सदस्य बनाया जा रहा है। प्रगट सिंह के अनुसार, भाजपा पंजाब में सत्ता हथियाने के लिए यह सब कर रही है। कांग्रेस करेगी डटकर मुकाबला प्रगट सिंह ने कहा कि पंजाब के 7 जिलों के कॉलेजों में से 3 क्षेत्रीय कॉलेज कैंपस और डीपीआई कॉलेजों की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसमें पंजाब की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। उन्होंने यह भी बताया कि नए आदेशों के तहत फीस का 52 प्रतिशत हिस्सा यूनिवर्सिटी को जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस फैसले को बर्दाश्त नहीं करेगी और इसका डटकर मुकाबला करेगी। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर, प्रगट सिंह ने कहा कि हाल ही में तीन जगहों पर गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं, जो दर्शाती हैं कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने भ्रष्टाचार के मामले में डीआईजी भुल्लर को लेकर पंजाब सरकार पर भी सवाल उठाए।