जालंधर जिले के फिल्लौर पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जाली दस्तावेज तैयार कर फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाने के गंभीर आरोपों के तहत एक महिला और उसके पिता के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह पुलिस कार्रवाई नूरमहल निवासी कृष्णा देवी संधू द्वारा दी गई शिकायत की गहन जांच के बाद अमल में लाई गई है। आरोप है कि यह पूरी साजिश शिकायतकर्ता के स्वर्गीय पति की संपत्ति को अवैध रूप से हड़पने के उद्देश्य से रची गई थी। असली माता-पिता छुपाकर खुद को बताया स्वर्गीय तीरथ राम की बेटी शिकायतकर्ता कृष्णा देवी ने पुलिस को दिए बयानों में खुलासा किया कि आरोपी महिला आंचल संधू (जिसका असली नाम नंदनी संधू है) ने खुद को उनका और उनके स्वर्गीय पति तीरथ राम संधू की बेटी बताकर फर्जी तरीके से पासपोर्ट बनवाया। हालांकि, पुलिस जांच में यह तथ्य साफ हो गया कि नंदनी के असली माता-पिता अशोक कुमार संधू और बबीता संधू हैं। जन्म तिथि, जन्म स्थान और पहचान पत्रों में बड़ा हेरफेर फर्जीवाड़ा करने की नीयत से महिला ने अपनी वास्तविक जन्म तिथि 19 नवंबर 1990 के स्थान पर 10 फरवरी 1988 और जन्म स्थान ‘नूरमहल’ के स्थान पर ‘होशियारपुर’ दर्शाया। इस फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के सहारे उसने वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य राष्ट्रीय पहचान पत्र तक बनवा लिए। आरोपी महिला ने पहली बार वर्ष 2009 में फर्जी आधार पर पासपोर्ट बनवाया था और हाल ही में इसे रिन्यू (नवीनीकरण) कराने के लिए आवेदन दिया था। आरोपी महिला का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड आया सामने, पुलिस जांच जारी पुलिस जांच में यह भी उजागर हुआ है कि आरोपी महिला का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ वर्ष 2017 में होशियारपुर सिटी थाने में भी फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के संबंध में मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल, फिल्लौर पुलिस ने आंचल संधू (नंदनी संधू) और उसके पिता अशोक कुमार संधू के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई एएसआई जसविंदर सिंह द्वारा की जा रही है।
