लुधियाना के वकील गगनप्रीत सिंह की हत्या करवाने की साजिश में चर्चित जूता कारोबारी गुरविंदर सिंह प्रिंकल के पिता सतनाम सिंह और भाई तलविंदर सिंह उर्फ बंटी को सराभा नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर विदेश में छिपे प्रिंकल को आर्थिक मदद देने और वकील गगनप्रीत सिंह की हत्या की कथित साजिश में शामिल होने का आरोप है। विदेश में रह रहे आरोपी को आर्थिक मदद देने का आरोप एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (एडीसीपी-3) धरावत साई प्रकाश ने शनिवार को सेक्टर-32 निवासी सतनाम सिंह और उनके बेटे तलविंदर सिंह की गिरफ्तारी की पुष्टि की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान प्रिंकल और उसके परिजनों के बैंक खातों के बीच वित्तीय लेन-देन के सबूत मिले हैं, जिससे विदेश में उसे शरण और आर्थिक सहायता दिए जाने की बात सामने आई है। 10 लाख रुपये में हत्या की सुपारी देने का दावा दर्ज एफआईआर के मुताबिक, पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के वकील गगनप्रीत सिंह और प्रिंकल के बीच पुराना विवाद चल रहा था। कई मामले दर्ज होने के बाद प्रिंकल कुछ महीने पहले विदेश भाग गया था। आरोप है कि विदेश से ही उसने अपराधियों से संपर्क कर वकील गगनप्रीत सिंह की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी दी थी। इंटरनेशनल नंबर से आई कॉल और रेकी की तस्वीरें शिकायतकर्ता वकील गगनप्रीत सिंह ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल और मैसेज आए। फोन करने वाले ने खुलासा किया कि प्रिंकल ने उनकी हत्या के लिए 10 लाख रुपये तय किए हैं। इसके साथ ही वकील के घर में बने ऑफिस की तस्वीरें भी भेजी गईं, जिससे साफ हुआ कि उनके परिसर की पहले ही रेकी की जा चुकी थी। 4 लोगों पर बीएनएस की धाराओं के तहत केस दर्ज इस मामले में 17 सितंबर को पुलिस ने प्रिंकल, उसके पिता सतनाम सिंह, भाई तलविंदर सिंह और महिला मित्र नवजीत कौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 103, 55, 249, 111 और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस अब विदेश में रह रहे प्रिंकल को घोषित अपराधी (PO) करार देने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि साजिश और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच अभी जारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान प्रिंकल और उसके पिता व भाई के बीच हुए बैंक लेन-देन की पड़ताल की गई। इन लेन-देन से कथित तौर पर आर्थिक सहायता दिए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब पूरे मामले में साजिश और एफआईआर में नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। विदेश में रह रहे प्रिंकल को घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) घोषित करने की प्रक्रिया भी चलने की बात कही जा रही है। हालांकि, हत्या की साजिश और आर्थिक मदद से जुड़े आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
