दिल्ली स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस के कथित प्रवेश को लेकर छिड़ा सियासी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष जसकरण सिंह तूत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व भारतीय राजनयिक तरुणजीत सिंह संधू को तलब करने की आम आदमी पार्टी (‘आप’) की मांग को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेहद ‘बेतुका’ करार दिया है। तूत ने ‘आप’ पर इस संवेदनशील धार्मिक मुद्दे को राजनीतिक रंग देने और पंजाब सरकार की नाकामियों से जनता का ध्यान भटकाने का गंभीर आरोप लगाया। धार्मिक संस्थाओं की गरिमा का सम्मान करें राजनीतिक दल जसकरण सिंह तूत ने जोर देकर कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च और सर्वमान्य संस्था है, जिसकी मर्यादा और परंपराओं का सम्मान करना हर सिख तथा राजनीतिक दल की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने निजी व सियासी स्वार्थों की पूर्ति के लिए पवित्र धार्मिक संस्थाओं का इस्तेमाल करने से बाज आना चाहिए। अरविंद केजरीवाल पर निशाना, एफआईआर का स्वागत भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता इस घटनाक्रम का इस्तेमाल भाजपा के खिलाफ झूठा राजनीतिक माहौल बनाने के लिए कर रहे हैं। तूत ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) की शिकायत के आधार पर अरविंद केजरीवाल और अन्य आप नेताओं के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर का स्वागत किया। उन्होंने मांग की कि जो लोग राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक संस्थाओं की मर्यादा को ठेस पहुंचा रहे हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तथ्यों की पूरी जांच किए बिना किसी को दोषी ठहराना अनुचित है। तथ्य जांचने की जरूरत: DSGMC अध्यक्ष उल्लेखनीय है कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने घटनाक्रम पर स्पष्टता देते हुए बताया कि पुलिस अशोक रोड स्थित गेट से गुरुद्वारा साहिब परिसर में दाखिल हुई थी और दूसरे रास्ते से बाहर निकल गई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा जूते पहनकर चरण गंगा पार करने या दरबार हॉल में प्रवेश करने से जुड़े दावों की पूरी सच्चाई और तथ्यों की जांच होनी चाहिए।