मोहाली में तीन साल के मासूम बच्चे के हाथ-पैर पर प्लास्टर बंधा होने का खौफनाक वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर से बच्चे की तलाश में निकले पिता को पता चला कि उसकी पत्नी बच्चे को अपने एक परिचित के पास छोड़कर बेंगलुरु चली गई थी। इसके बाद पुलिस और परिजनों की तत्परता से बच्चे को उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित एक होटल से बरामद किया गया है। पारिवारिक अनबन के बाद बच्चे को ले गई थी मां मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित पिता सूरज कुमार ने बताया कि उनका विवाह प्रियंका से हुआ था और उनका तीन साल का एक बेटा तंजिन नेगी है। दंपत्ति के बीच आपस में अनबन रहने के कारण प्रियंका फरवरी 2025 में बेटे को अपने साथ लेकर जीरकपुर में रहने आ गई थी। वीडियो से हुआ प्रताड़ना का खुलासा 30 जुलाई 2026 को सूरज की बहन ज्योति को एक वीडियो प्राप्त हुआ, जिसमें मासूम तंजिन नेगी के हाथ और पैरों पर प्लास्टर बंधा हुआ दिख रहा था। वीडियो सामने आते ही परिजन घबरा गए और बच्चे की तलाश शुरू की। जांच में पता चला कि मां प्रियंका बच्चे को जीरकपुर में अपने परिचित अभय राय के पास छोड़कर खुद बेंगलुरु चली गई थी। इसके बाद अभय राय बच्चे को लेकर ऋषिकेश चला गया, जहां पुलिस ने एक होटल से मासूम को बरामद किया। जीरो एफआईआर के बाद जीरकपुर में मामला दर्ज बच्चे को छुड़ाने के बाद उसकी मेडिकल जांच करवाई गई, जिसके बाद पुलिस ने बच्चे को उसके पिता सूरज कुमार के सुपुर्द कर दिया। पिता सूरज कुमार की शिकायत पर सबसे पहले हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज की गई। इसके बाद मामले की फाइल जीरकपुर पुलिस को ट्रांसफर की गई, जहां पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब बच्चे को दी गई प्रताड़ना और पूरे घटनाक्रम में शामिल आरोपियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।