नकोदर स्थित ऐतिहासिक ‘पाश-हंसराज यादगारी कॉम्प्लेक्स’ विवाद में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नकोदर पुलिस ने ग्राम पंचायत के सरपंच प्रदीप सिंह और उनके साथियों के खिलाफ अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। यह कानूनी कार्रवाई जन संगठनों द्वारा एक महीने से चलाए जा रहे संघर्ष और 9 अक्टूबर को किए गए विशाल विरोध प्रदर्शन के बाद अमल में आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवाद 7 सितंबर का है। शिकायतकर्ता हरमेश अपने सहयोगियों के साथ प्रसिद्ध क्रांतिकारी कवि पाश के जन्मदिवस समारोह की तैयारियों के सिलसिले में कॉम्प्लेक्स पहुंचे थे। आरोप है कि सरपंच प्रदीप सिंह अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे और कार्यक्रम का विरोध करते हुए गाली-गलौज व हाथापाई की। इस दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। 14 और 15 अक्टूबर को सीएम व विधानसभा अध्यक्ष के आवास का घेराव मामला दर्ज होने पर जन संघर्ष समितियों और वामपंथी-जनवादी संगठनों ने इसे आंदोलन की ‘शुरुआती जीत’ करार दिया है। हालांकि, संगठनों का कहना है कि संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। नामजद आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की जाए। कॉम्प्लेक्स से अवैध कब्जा हटाकर इसे पूर्णतः पाश-हंसराज स्मारक घोषित किया जाए। अपनी मांगों को लेकर जन संगठनों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। धरना प्रदर्शन की रणनीति 14 अक्टूबर: पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां के निवास स्थान के बाहर धरना देंगे। 15 अक्टूबर: मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करेंगे।