राजस्थान में अब पहले की तरह ही मनरेगा के तहत किसानों के खेतों में पानी के टांके (वाटर स्टोरेज टैंक) बनाए जा सकेंगे। करीब सात दिन पहले केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देश पर राज्य सरकार ने खेतों में टांके बनाने पर रोक लगा दी थी। सीएम भजनलाल शर्मा ने सोमवार को केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कहा- अब पहले की तरह खेतों में टांके बन सकेंगे। इसके लिए फंड जारी किया जाएगा। इसे लेकर ग्रामीण विकास मंत्रालय संशोधित आदेश जारी कर देगा। प्रदेश के 8 जिले किसान धन धान्य योजना में शामिल
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- मैं सीएम भजनलाल शर्मा को बधाई देना चाहूंगा कि वो बहुत बेहतर काम कर रहे हैं। प्रदेश की जनता और किसानों के कल्याण के लिए इन्होंने कई योजनाएं चलाई हैं। वहीं, केंद्र सरकार की योजनाओं को भी बेहतर ढंग से लागू किया है। चाहे वो तार-बाड़ का मामला हो, पहले यह एक फसल के लिए होता था। इन्होंने कहा कि इसे अन्य फसलों के लिए भी लागू किया जाए। इसे भी हम लागू कर रहे हैं। इसके अलावा राजस्थान के जिन 8 जिलों में उत्पादकता कम थी। उन जिलों को हमने प्रधानमंत्री किसान धन धान्य योजना के तहत शामिल किया है। अब इन जिलों में 11 विभागों की 36 योजनाओं को हम लागू करेंगे। कांग्रेस ने किया था फैसले का विरोध
दरअसल, टांके बनाने पर रोक लगाने के फैसले का कांग्रेस ने विरोध किया था। बायतु विधायक और मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा था- ये आदेश नहीं, आपने रेगिस्तान के लोगों की पीठ में खंजर घोंपा है। ये आदेश थार को बर्बाद करने का मोदी मॉडल है? थार का हर निवासी ऐसे आदेश का पुरजोर विरोध करता है। ये विरोध राजनीतिक नहीं, ये हमारे जीवन आधार की लड़ाई है। दुनिया जिस इजराइल मॉडल की तारीफ करती है, उससे भी बेहतरीन मॉडल हमारे थार के ये टांके हैं। ये खबर भी पढ़ें… मनरेगा से अब खेतों में नहीं बना सकेंगे टांके:जानें- सरकार ने क्यों लगाई रोक; कांग्रेस MLA बोले- रेगिस्तान की पीठ में खंजर घोंपा ‘सरकार लाखों के पैकेज-वालों को छोड़, मजदूरों के पीछे पड़ी’:उम्मेदाराम बोले- टांका ग्रामीणों की लाइफ-लाइन, ऑफिस में बैठे लोगों को लगा यहां बड़ा घोटाला है
