जोधपुर में सोना मेडिहब हॉस्पिटल की तीसरी मंजिल पर बुधवार को आग लग गई थी। आग की लपटों ने चौथी मंजिल को भी चेपट में ले लिया था। आग इतनी भयानक थी कि वार्डों तक फैल गई, जिससे छत की पीओपी तक पिघल गई। बेड और एसी जल गए। आगजनी की इस घटना में लापरवाही सामने आई है। सीएफओ जितेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि जहां थर्ड और फोर्थ फ्लोर पर आग लगी,वहां आग बुझाने के इंतजाम नहीं थे। वहीं हॉस्पिटल मैनेजमेंट का दावा है कि उनके पास 2027 तक की फायर एनओसी है। सच क्या है, सामने आ जाएगा लेकिन एक लापरवाही से कई लोगों की जान पर बन आ गई थी। पावटा-बी रोड स्थित इस हॉस्पिटल के पास ही कपड़ों का शोरूम भी है। अनहोनी के डर से अपना शोरूम खाली करवा लिया था। हालांकि समय रहते आग को बुझा लिया गया। खुद बिल्डिंग मालिक भी पुलिस और फायर ब्रिगेड टीम के साथ आग को बुझाने में लगे। हॉस्पिटल में आग से हुए नुकसान की 4 PHOTOS आग में पीओपी की दीवार तक पिघल गई हॉस्पिटल में आग की सूचना पर पुलिस और फायर बिग्रेड की टीम पहुंची थी। करीब 30 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया था। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि एसी का लोड बढ़ने के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लगी थी। चीफ फायर ऑफिसर जितेंद्र सिंह चौहान भी हॉस्पिटल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि हमने सभी फ्लोर को चेक किया था। आग की लपटों से वार्डों में लगे शीशे तक टूट गए। यहां तक की पीओपी की दीवार तक पिघल गई। बैड पर भी आग की लपटें पहुंच गई थी। सारा सामान अस्त-व्यस्त हो गया था। आग से काफी नुकसान, वापस निरीक्षण करेंगे चीफ फायर ऑफिसर जयसिंह चौहान ने बताया कि बिल्डिंग का काम चालू था। ज्यादातर एसी आग में जल गए। हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने इलेक्टि्क लोड चेक नहीं करवाया था। डॉक्यूमेंट्स और बाकी चीजें मांगी गई है। एक बार वापस निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि टीम ने हॉस्पिटल के सभी फ्लोर का निरीक्षण किया। इस हादसे में पीओपी पूरी नष्ट हो चुकी थी। बैड और एसी के साथ दवाई आदि भी जल गए थे। अब पढ़िए-प्रत्यक्षदर्शी क्या बोले- प्रत्यक्षदर्शी बोले- हर फ्लोर पर लड़के थे, सबसे पहले बिल्डिंग खाली करवाई हॉस्पिटल के पास ही एक बड़ी बिल्डिंग है, जिसमें कपड़ो का शोरूम भी चलता है। इस बिल्डिंग के मालिक सन्नी जैन ने बताया कि शाम को वह पावटा चौराहे पर थे। शोरूम से स्टाफ का कॉल आया कि हॉस्पिटल में आग लग गई है। इसके बाद शोरूम पहुंचकर सबसे पहले हमारी बिल्डिंग को खाली करवाया। इतनी देर में पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम आ चुकी थी। शोरूम दो फ्लोर का बना हुआ है। हमारा यहां फायर सेफ्टी का पूरा सेटअप है। प्रेशर पंप से लेकर बोरवेल तक की व्यवस्था है। इसके बाद मैं फायर वाले रास्ते से हमारी बिल्डिंग की छत पर गया। वहां देखा तो पता चला कि आग पूरी तरह से तीसरे और चौथे फ्लोर पर पकड़ चुकी थी। मैं और हमारा स्टाफ पहले फ्लोर से पाइप लेकर दूसरे फ्लोर पर गए। ऊपर पहुंचे तो आग की लपटें चौथे फ्लोर पर पहुंच चुकी थी। आग को हमारी बिल्डिंग तक नहीं फैले और ज्यादा आगजनी न हो इसके लिए हमने हमारी छत से आग पर काबू पाना शुरू किया। पुलिसवालों के साथ मिलकर लोहे की चद्दर हटाई, नीचे भी स्टाफ ने मदद की सन्नी जैन ने बताया- पानी डालने की जगह करने के लिए पुलिसवालों के साथ मिलकर लोहे की चद्दरें हटाई। इसके साथ ही ग्राउंड फ्लोर से भी पाइप हॉस्पिटल की बिल्डिंग की तरफ लेकर गए। आग लगने के बाद हम वहां गए तो सबकुछ खत्म हो चुका था। आग की लपटें इतनी थी कि हम हमारी खुद की बिल्डिंग की छत पर जा नहीं पा रहे थे। आग की लपटें हमारी तरफ और इनके सोलर वाले हिस्से की तरफ आ रही थी। पानी का प्रेशर नहीं टूटे इसलिए लगातार पानी चालू रखा। इसके बाद लाइट कट गई तो जनरेटर से प्रेशर पाइप को मेंटेन किया ताकि लगातार पानी गिरता रहे। हमने बिल्डिंग की छत पर पहुंचकर चौथे फ्लोर की आग को कंट्रोल किया। सीआई मैडम के साथ कुछ पुलिसकर्मी थे, जिन्होंने इस आग को बुझाने में काफी मदद की। इसके साथ ही हमारे बिल्डिंग के हर फ्लोर पर स्टाफ को प्रेशर पाइप के साथ खड़ा कर दिया था ताकि कुछ भी अनहोनी हो, हम तुरंत उस पर कंट्रोल कर ले। आग की लपटों से हमारे छत पर रखे प्लास्टिक के पानी के टैंक तक पिचक गए। सन्नी जैन ने बताया कि आग लगने के बाद मरीज भी घबरा गए थे। कोई उन्हें चद्दर तो कोई सोफे में उठाकर बाहर लेकर आ रहा है। हालांकि गनीमत रही कि मरीजों को कोई नुकसान नहीं हुआ और सभी को बाहर निकाल लिया गया। — ये खबर भी पढ़िए- जोधपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल में आग लगी, बिल्डिंग खाली कराई:धुएं के कारण कर्मचारी बेहोश, मरीज शिफ्ट किए; एसी का लोड बढ़ने पर हुआ शॉर्ट सर्किट जोधपुर में सोना मेडिहब हॉस्पिटल की तीसरी मंजिल पर आग लग गई, जो कुछ ही देर में चौथी और दूसरी मंजिल तक पहुंच गई। (पढ़िए पूरी खबर)
