राजस्थान यूथ कांग्रेस का चुनाव परिणाम रविवार को घोषित हो गया। इन परिणामों में अध्यक्ष पद के लिए अभिषेक चौधरी को सबसे ज्यादा 6.15 लाख वोट मिले हैं। अनिल चोपड़ा 5.45 लाख वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे। राजकुमार परसवाल 1.95 लाख वोट के साथ तीसरे नंबर पर रहे। वोटों के लिहाज से अभिषेक चौधरी का अध्यक्ष बनना लगभग तय है। अब यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रभारी टॉप पैनल का इंटरव्यू लेंगे। इसके बाद आधिकारिक रूप से अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। एक अध्यक्ष और दो वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनेंगे अध्यक्ष पद के चुनाव में कुल 19 उम्मीदवार थे। टॉप-3 में रहे तीनों प्रत्याशियों में से इंटरव्यू के बाद 1 अध्यक्ष और बाकी दोनों को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया जाएगा। इसके अलावा जो प्रत्याशी जितने वोट लेकर आया है, उसे उसी हिसाब से कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिव बनाया गया है। प्रदेश कार्यकारिणी में एससी-एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी, महिला आरक्षित कोटे के तहत भी पद दिए गए हैं। चुनाव में 3 हजार 338 वोट के साथ चौथे नंबर पर रही निशा खींचड़ को प्रदेश उपाध्यक्ष (महिला ओपन) बनाया गया है। पांचवें नंबर पर रही अलफिजा को 2144 वोट मिले हैं, उन्हें अल्पसंख्यक कोटे में उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसी तरह छगनलाल कुलदीप, प्रकाश चंद मीणा, भगवती मीणा को एससी-एसटी कोटे में उपाध्यक्ष बनाया गया है। दिव्यांग कोटे में तेजकरण चौधरी को प्रदेश उपाध्यक्ष, निर्मला मेघवाल को एससी-एसटी महिला, यास्मीन को अल्पसंख्यक महिला और शीतल परिहार और राहुल खान को ओबीसी कोटे में उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसी तरह डिंपल सिंधल, सुमन बानो, दिव्यानी कटारा, पूजा भार्गव आशीष सचिव पद पर निर्वाचित हुए हैं। झोटवाड़ा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके अभिषेक चौधरी अभिषेक चौधरी जयपुर से विधानसभा और अनिल चोपड़ा जयपुर से लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। अभिषेक चौधरी ने 2023 के विधानसभा चुनाव में झोटवाड़ा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी थे। उनको भाजपा उम्मीदवार राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने 50 हजार 167 वोट हराया था। राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को 1 लाख 47 हजार 913 वोट मिले थे, जबकि अभिषेक चौधरी को 97 हजार 746 वोट मिले थे। अनिल चोपड़ा ने जयपुर ग्रामीण सीट से लड़ा था लोकसभा चुनाव अनिल चोपड़ा ने साल 2024 में जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। वे करीबी मुकाबले में भाजपा के राव राजेंद्र सिंह से 1 हजार 615 वोटों से चुनाव हार गए थे। हार के बाद चोपड़ा ने रिकाउंटिंग की मांग की थी और पोस्टल बैलेट खारिज होने को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर को आपत्तियां दर्ज कराई थी। रिटर्निंग ऑफिसर ने बताया था कि 1 हजार 225 पोस्टल बैलेट खारिज हुए हैं, जबकि हार का अंतर 1 हजार 615 का है, इसलिए रिकाउंटिंग नहीं की जा सकती है। रिकाउंटिंग की मांग खारिज होने पर अनिल चोपड़ा रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में धरने पर बैठ गए थे। बाद में अनिल चोपड़ा ने इसको लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी। 2020 में धांधली के आरोपों के बाद सुमित को पद से हटाया था बता दें कि साल 2010 से यूथ कांग्रेस के चुनाव हो रहे हैं। नई कार्यकारिणी का कार्यकाल 3 साल का रहेगा। साल 2023 में यूथ कांग्रेस के चुनाव में अभिमन्यु पूनिया को सबसे ज्यादा वोट मिले थे। इसके बाद वे अध्यक्ष बने थे। साल 2020 में हुए चुनाव में सुमित भगासरा को सबसे ज्यादा वोट मिले थे और अध्यक्ष बने थे। बाद में मुकेश भाकर ने वोटों में धांधली का आरोप लगाया। पूरे मामले की जांच के बाद भगासरा को हटाकर भाकर को विजयी घोषित किया गया था। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में मुकेश भाकर ने कांग्रेस के टिकट पर लाडनूं से जीत हासिल की थी। जुलाई 2020 में सचिन पायलट ने कांग्रेस से बगावत की तब मुकेश भाकर भी उनके साथ मानेसर चले गए थे। इस पर मुकेश भाकर को राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के पद से बर्खास्त कर गणेश घोघरा को अध्यक्ष बनाया गया था।
