झालावाड़ जिला उपभोक्ता आयोग ने जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के खिलाफ फैसला सुनाया है। आयोग ने जेडीए को एक शिकायतकर्ता के 3 लाख 83 हजार 226 रुपए ब्याज सहित लौटाने और मानसिक परेशानी व केस खर्च का मुआवजा देने का आदेश दिया है। झालरापाटन थाने में एएसआई विष्णुकांत ने 2009 में जेडीए की अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी के तहत जयपुर में फ्लैट के लिए आवेदन किया था। उन्हें 7 अगस्त 2013 को लॉटरी से फ्लैट L-4/TF/16 मिला, जिसके लिए उन्होंने कुल 3,83,226 रुपए जमा कराए। जेडीए ने करीब 11 साल तक फ्लैट का कब्जा नहीं दिया। 2024 में बिना बताए किसी और जगह खराब हालत में दूसरा फ्लैट दे दिया। विष्णुकांत ने 27 जनवरी 2026 को कानूनी नोटिस भेजा, पर जवाब नहीं मिला। आयोग के अध्यक्ष ईश्वरीलाल वर्मा और सदस्य वीरेन्द्र सिंह रावत की पीठ ने यह आदेश दिया। जेडीए को दो महीने में राशि वापस करनी होगी और 27 जनवरी 2026 से भुगतान तक 9 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा। इसके अलावा मानसिक परेशानी के लिए 30 हजार रुपए और परिवाद खर्च के रूप में 10 हजार रुपए अलग से भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं।