विद्याधर नगर स्थित मंडला आर्ट गैलरी, स्टूडियो एवं एकेडमी की ओर से आयोजित वार्षिक कला प्रदर्शनी ‘नवकृति-5’ की शुक्रवार से शुरुआत हुई। गैलरी की संस्थापक वसुधा शर्मा के आयोजन में हो रही इस प्रदर्शनी के पहले ही दिन बड़ी संख्या में कला प्रेमी पहुंचे। युवा कलाकारों की अलग-अलग विषयों पर तैयार की गई कलाकृतियां प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण रहीं।
उद्घाटन समारोह में वार्ड 6 की पार्षद स्नेहलता साबू, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी की डीन शिवानी कौशिक और रामगोपाल ब्लू पॉटरी के संस्थापक एवं शिल्प गुरु गोपाल सैनी ने दीप प्रज्वलित कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकार रामू रामदेव और राजस्थान विश्वविद्यालय की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. रीटा प्रताप विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने प्रदर्शनी में युवा कलाकारों की ओर से तैयार की गई कृतियों का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता की सराहना की।
आठ कलेक्शन बनीं आकर्षण का केंद्र ‘नवकृति-5’ में युवा कलाकारों की ओर से अलग-अलग विषयों पर तैयार किए गए आठ थीम आधारित कलेक्शन प्रदर्शित किए गए हैं। प्रत्येक कलेक्शन में कलाकारों ने अपनी कल्पना के साथ सामाजिक, आध्यात्मिक और पर्यावरण से जुड़े संदेशों को भी कैनवास और अन्य माध्यमों के जरिए सामने रखा है। सुरभि की ‘जग के नाथ- जगन्नाथ’ कलेक्शन में कलमकारी शैली के माध्यम से भगवान जगन्नाथ की करुणा और भक्ति को अभिव्यक्त किया गया है। वहीं प्रिशा की ‘ब्लूम इन थ्री-डी’ में मिट्टी से तैयार किए गए त्रि-आयामी फूलों के माध्यम से बच्चों के विकास और उनकी अपनी गति से आगे बढ़ने का संदेश दिया गया है। गिरिशा की ‘शिवा एंड नंदी’ कलेक्शन में भगवान शिव और नंदी के बीच विश्वास के शाश्वत संबंध को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है। ‘आद्या-शी इज द पावर’ को मिली विशेष सराहना चार्वी की ‘आद्या-शी इज द पावर’ कलेक्शन प्रदर्शनी में दर्शकों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कालिघाट शैली से प्रेरित इस कलेक्शन में नारी शक्ति को प्रमुख विषय बनाया गया है। कृतियों के माध्यम से महिला को शक्ति के स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा अक्षिता की ‘स्कल्प्टेड सेरेनिटी’, प्रीति की ‘आइज ऑफ द वाइल्ड’, परी की ‘गेम ऑफ फेट’ और आकार्षी की ‘द एटरनल मैसेज’ कलेक्शन भी दर्शकों की सराहना बटोर रही हैं। ‘द एटरनल मैसेज’ में भगवद्गीता के संदेश और कर्मयोग की अवधारणा को कलात्मक अभिव्यक्ति दी गई है। कहीं भक्ति, कहीं नारी शक्ति तो कहीं संरक्षण का संदेश प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे अतिथियों ने कहा कि इन कृतियों में केवल रंगों और आकृतियों का संयोजन नहीं है, बल्कि हर कैनवास के पीछे एक विचार और संदेश दिखाई देता है। कहीं भक्ति और आध्यात्मिकता नजर आती है तो कहीं नारी शक्ति को प्रमुखता दी गई है। कुछ कृतियां कर्मयोग और जीवन-दर्शन को सामने रखती हैं, वहीं वन्यजीव संरक्षण जैसे विषय भी दर्शकों को सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। युवा कलाकारों की इन कृतियों में अलग-अलग कला शैलियों और माध्यमों के प्रयोग ने प्रदर्शनी को विविधता प्रदान की है। उद्घाटन के पहले दिन ही दर्शकों ने कलाकारों से उनकी कृतियों के विषय और रचनात्मक प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। 4 अक्टूबर तक देख सकेंगे प्रदर्शनी मंडला आर्ट गैलरी की संस्थापक वसुधा शर्मा ने बताया कि ‘नवकृति-5’ आम कला प्रेमियों के लिए 4 अक्टूबर तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक देखी जा सकती है। प्रदर्शनी के दौरान कला के साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। 3 अक्टूबर को शाम 4 से 6 बजे तक कविता सत्र होगा, जबकि 4 अक्टूबर को शाम 4 से 6 बजे तक जैमिंग सत्र आयोजित किया जाएगा।
