गांधी जयंती के अवसर पर बच्चों के स्वास्थ्य और स्कूलों के आसपास सुरक्षित खाद्य वातावरण को लेकर सात साल के बाल योग साधक प्रत्यक्ष विजय ने अमर जवान ज्योति पर गांधीजी की वेषभूषा में सत्याग्रह पर बैठ गए। वे अपने माता-पिता के साथ यहां बैटे नजर आए। उन्होंने ‘50 मीटर सत्याग्रह’ अभियान शुरू किया है। इस शांतिपूर्ण आंदोलन के माध्यम से वे स्कूलों के आसपास बच्चों को मिलने वाले जंक फूड और अधिक वसा, चीनी एवं नमक वाले खाद्य पदार्थों की उपलब्धता को लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। अभियान का उद्देश्य राजस्थान हाईकोर्ट के स्कूलों के आसपास ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक से जुड़े निर्देशों के प्रभावी पालन को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। प्रत्यक्ष विजय ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े नियम और दिशा-निर्देश तभी प्रभावी हो सकते हैं, जब अभिभावक, स्कूल प्रशासन और संबंधित सरकारी विभाग इनके पालन को लेकर सजग रहें। इसी सोच के साथ गांधी जयंती पर ‘50 मीटर सत्याग्रह’ के जरिए बच्चों के आसपास सुरक्षित खाद्य वातावरण बनाने का संदेश दिया जाएगा। गौरतलब है कि प्रत्यक्ष विजय बाल योग साधक हैं और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में ‘यंगेस्ट योगा इंस्ट्रक्टर’ के रिकॉर्ड धारक हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अभियान यह पहल राजस्थान हाईकोर्ट के 24 अगस्त 2026 के आदेश के बाद शुरू की जा रही है। आदेश में स्कूल कैंटीन और स्कूल के गेट से 50 मीटर के दायरे में एचएफएसएस (हाई फैट, शुगर एंड साल्ट) यानी अधिक वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक से जुड़े प्रावधानों के प्रभावी पालन पर जोर दिया गया है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि आदेश का उद्देश्य बच्चों को स्कूल परिसर और उसके आसपास ऐसे खाद्य पदार्थों की आसान उपलब्धता से बचाना है, जिनका अत्यधिक सेवन उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को नियमों के पालन की निगरानी के लिए मासिक निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रत्यक्ष का कहना है कि इन निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर प्रभावी पालना सुनिश्चित करने की जरूरत है। ‘50 मीटर सत्याग्रह’ के माध्यम से इसी विषय को सार्वजनिक चर्चा और जागरूकता का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बच्चों के आसपास सुरक्षित भोजन का माहौल जरूरी प्रत्यक्ष विजय का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी केवल परिवार तक सीमित नहीं है। स्कूल और स्कूल के आसपास का वातावरण भी बच्चों की खान-पान की आदतों को प्रभावित करता है। ऐसे में स्कूलों के नजदीक मिलने वाले खाद्य पदार्थों को लेकर अभिभावकों और प्रशासन को सजग रहना जरूरी है। उनका कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से संबंधित नियम कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका असर स्कूलों के आसपास के वास्तविक वातावरण में दिखाई दे। इसके लिए अभिभावकों को भी जागरूक होना होगा और स्कूलों को अपने स्तर पर सुरक्षित खाद्य वातावरण सुनिश्चित करने के प्रयास करने होंगे। गांधी के सत्याग्रह की भावना से जुड़ा अभियान गांधी जयंती पर शुरू किया जा रहा यह अभियान शांतिपूर्ण जागरूकता पहल के रूप में रखा गया है। ‘50 मीटर सत्याग्रह’ नाम के जरिए स्कूलों के आसपास 50 मीटर के दायरे में बच्चों के लिए सुरक्षित खाद्य वातावरण सुनिश्चित करने के मुद्दे को सामने लाया जा रहा है। अभियान के दौरान प्रत्यक्ष बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षित भोजन और बेहतर बचपन के लिए अपनी आवाज उठाएंगे। उनका संदेश है कि बच्चों को स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए अभिभावक, स्कूल, दुकानदार और प्रशासन सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी।
