गुरुग्राम पुलिस ने वॉट्सऐप पर RTO के फर्जी लिंक भेजकर की गई ऑनलाइन ठगी का पर्दाफाश किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया था कि अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी RTO वेबसाइट का लिंक भेजकर मोबाइल फोन हैक कर लिया और साइबर ठगी को अंजाम दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में, तकनीकी सुरागों की मदद से जांच टीम ने राजस्थान के भिवाड़ी क्षेत्र में छापा मारा। पुलिस ने 23 अक्टूबर को इस वारदात में शामिल दो आरोपियों, पवन (33) और विक्की (28) को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी अलवर जिले के घटाल गांव के निवासी हैं। कमीशन पर देते थे बैंक खाता पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि पवन भिवाड़ी में एक ई-मित्र सेंटर चलाता है। ठगी से प्राप्त 4 लाख रुपए पवन के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पवन ने अपना बैंक खाता आरोपी विक्की को 10% कमीशन पर बेचा था, जबकि विक्की ने वही खाता किसी अन्य व्यक्ति को 20% कमीशन पर आगे बेच दिया था। इससे पता चलता है कि इस अपराध में साइबर ठगों का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी और फर्जी वेबसाइट के संचालन में किया गया था। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपियों से आगे की पूछताछ में और भी खुलासे होने की संभावना है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
