रोपड़ में अवैध खनन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की बड़ी कार्रवाई की है। उसके आदेश एक आरोपी की चार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच की गई है। इससे आसपास के क्षेत्रों में सनसनी फैला दी है। इडी ने एक जांच के बाद में यह कार्रवाई की गई है। इसमें 100 करोड़ के घोटाले की बात कही जा रही है। यह कार्रवाई नंगल क्षेत्र में हुई है। ईडी जालंधर के आदेश पर सब-रजिस्ट्रार नंगल ने यहां नसीब चंद, उनके पुत्र पंकज कुमार और बलजिंदर सिंह उर्फ अमन की लगभग 4 करोड़ 10 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति को अटैच कर दिया है। आरोपियों के 6 मोबाइल और 2 लैपटॉप पहले ही जब्त किए जा चुके हैं। मनी लॉन्ड्रिंग की धारा में भी कार्रवाई अटैच की गई संपत्ति खेड़ा कल्मोट, भलाण, हर्षा बेला, नानग्रां, भलड़ी, नूरपुर बेदी और प्लाटा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में फैली हुई है। एसडीएम नंगल सचिन पाठक ने बताया कि 17 अक्तूबर को डिप्टी डायरेक्टर, ईडी जालंधर की ओर से उपमंडल रजिस्ट्रार नंगल, गढ़शंकर और नूरपुर बेदी को पत्र भेजा गया था। इसमें मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम की धारा 5(1) के तहत आरोपियों की जमीन को अटैच करने के आदेश थे। 100 करोड़ से ज्यादा का खनन घोटाला यह कार्रवाई एफआईआर नंबर 159, 2023 के तहत माइन एंड मिनरल एक्ट और संबंधित आईपीसी धाराओं के अंतर्गत की गई। मामले को करीब 1000 करोड़ रुपये के कथित अवैध खनन घोटाले से जोड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अगला कदम बैंक ट्रांज़ैक्शन, जमीनी खरीद-फरोख्त और मनी-लॉन्ड्रिंग की गहन जांच करना होगा। इस कार्रवाई ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है और स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। दो साल पुराना मामला एडवोकेट विशाल सैनी ने कहा कि यह मामला दो साल पुराना है। पहले जगदीश भोला के ड्रग मामले में अटैच की गई जमीन पर माइनिंग माफिया ने अवैध उत्खनन किया था। जांच के बाद ईडी ने नसीब चंद और उनके सहयोगियों की संपत्ति अटैच की।