मोहाली के खरड़-लांडरा हाईवे स्थित होली बेसिल अस्पताल में एक मरीज की इलाज के दौरान मौत के बाद बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। पुलिस ने देर शाम शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। 62 वर्षीय थे बुजुर्ग चुन्नी खुर्द निवासी 62 वर्षीय हरजिंदर 24 मई को पत्थरी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे। गॉलब्लैडर के ऑपरेशन के बाद उन्हें 26 मई को छुट्टी दे दी गई थी। हालांकि, 28 मई को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने आंतों में संक्रमण की बात कहकर उनका इलाज शुरू किया था। खुद बाइक चलाकर अस्पताल पहुंचे थे मृतक के भतीजे अमनजीत सिंह ने बताया कि हरजिंदर सिंह स्वयं मोटरसाइकिल चलाकर अस्पताल पहुंचे थे और उनकी सेहत ठीक थी। अस्पताल में भर्ती होने के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः मंगलवार रात 11 बजे उनकी मौत हो गई। उस ने आरोप लगाया कि मरीज को उचित डाइट के बजाय मैगी खिलाई जा रही थी, जिसके बाद उनकी तबीयत और खराब हुई। मरीज को मैगी खिलाने का एक वीडियो भी सामने आया है। आरोप है कि पहले अस्पताल प्रबंधन शव सौंपने से पहले 3.85 लाख रुपये का पूरा बिल जमा कराने की बात कर रहा था। विरोध-प्रदर्शन शुरू होने के बाद अस्पताल ने बिल माफ करने की घोषणा की। परिवार पोस्टमार्टम कराने की मांग पर अड़ा हुआ है।

अस्पताल बोला सेवईयां खिलाई थी वहीं, अस्पताल के संचालक डॉ. सचिन वर्मा ने इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि मरीज का गॉलब्लैडर ऑपरेशन सफल रहा था और बाद में आंतों में संक्रमण का उपचार किया जा रहा था। डॉ. वर्मा के अनुसार, इलाज सही तरीके से किया गया और परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए बिल माफ किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीज को मैगी नहीं, बल्कि सेवइयां खिलाई गई थीं। एफआईआर दर्ज की गई है
डीएसपी खरड़ ईशान सिंगला ने बताया कि धारा 194-बी के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। शव का पोस्टमार्टम वीरवार को कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यदि अस्पताल की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।