हाईकोर्ट ने साइबर क्राइम के आरोपी 19 साल के युवक को जमानत देते हुए उस पर सोशल मीडिया से दूर रहने की शर्त लगाई हैं। जस्टिस समीर जैन की अदालत ने यह आदेश मनराज उर्फ पिंटू की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि आरोपी अपनी किशोर अवस्था के अंतिम चरण में हैं। मामलें में चालान पेश हो चुका है और आरोपी 15 जुलाई से कस्टडी में है। ऐसे में हम शर्तों के साथ उसे जमानत देना चाहते हैं। अदालत ने आरोपी पर शर्त लगाते हुए कहा कि वह वर्तमान मामले की सुनवाई के दौरान किसी भी सोशल मीडिया एप्लिकेशन, विशेष रूप से टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे ऐप का उपयोग नहीं करेगा। एक बैंक अकाउंट और सिम का इस्तेमाल करेगा
आरोपी के अधिवक्ता गिरीश खंडेलवाल ने बताया कि कोर्ट ने आरोपी पर अलग-अलग शर्ते लगाई हैं। जिसमें कोर्ट ने कहा है कि आरोपी अपने सभी बैंक अकाउंट की डिटेल जांच अधिकारियों को देगा। वहीं, इस मामले की अवधि के दौरान केवल एक बैंक अकाउंट का संचालन करेगा। इसके साथ ही आरोपी केवल उसी सिम कार्ड का उपयोग करेगा, जो उसके आधार कार्ड से जुड़ी होगी। इसके अलावा अगर उसके पास कोई ओर नंबर अथवा उसके नाम से कोई ओर सिम कार्ड जारी हुआ है। जो आधार कार्ड से जुड़ा नहीं है, उसे संबंधित पुलिस स्टेशन में जमा करवाएगा। जमानत पर रिहा होने के बाद वह हर माह की 5 तारीख को संबंधित पुलिस अधिकारियों के सामने उपस्थिति दर्ज करवाएगा। सरकार ने किया जमानत का विरोध
दूसरी ओर राज्य सरकार की ओर से आरोपी की जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि यह मामला साइबर अपराध से संबंधित है। आरोपी जिस क्षेत्र का निवासी है, वह आमतौर पर भारत में साइबर अपराध के अपराधों में शामिल व्यक्तियों से संबंधित है। इस मामले में भी विभिन्न बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध के लिए किया गया हैं और प्रथमदृष्टया आरोपी की साइबर अपराध संलिप्तता हैं।