नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में दोषी आसाराम की अं​तरिम मेडिकल बेल पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया। याचिका को पेंडिंग रखा। कोर्ट ने कहा- मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर नहीं लग रहा है कि अंतरिम जमानत की जरूरत है। आसाराम तबीयत बिगड़ने पर वे दोबारा अंतरिम जमानत की मांग कर सकता है। दरअसल, आसाराम ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की थी। इस पर 4 अगस्त को एम्स की ओर से आसाराम की मे​डिकल रिपोर्ट पेश की गई थी। एम्स ने रिपोर्ट में कहा था कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती रखने की आवश्यकता नहीं है। एम्स की ओर से एक डिटेल मेडिकल रिपोर्ट पेश की गई थी। जस्टिस एमएस सुंदरश और जस्टिस पी.बी. वराले की पीठ ने इसे एग्जामिन भी किया। क्टर्स ने यह भी मेंशन किया है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए 24 घंटे मेडिकल निगरानी में रखना जरूरी है। 24 घंटे निगरानी के लिए रख सकते है केयर गिवर दरअसल, आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में बैल और परमानेंट पैरोल की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को 24 घंटे के लिए अपनी पसंद का एक ट्रेंड केयर गिवर रखने की परमिशन दी है। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी छूट दी है कि तबीयत बिगड़ने पर वे दोबारा अंतरिम जमानत के लिए कोर्ट में अपील के सकते है। बताया जा रहा है कि आसाराम को हाईकोर्ट से मिली 20 दिन की पैरोल की जानकारी भी छुपाई थी, जिस पर बैंच ने नाराजगी भी जाहिर की है। अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला दिया आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में बताया- वह गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं और देखभाल की जरूरत है। मामले में एक महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की ओर से दायर याचिका पर राजस्थान सरकार से 2 सप्ताह में जवाब भी मांगा था। वकील ने कहा- आसाराम गंभीर बीमारियों से पीड़ित सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के सीनियर वकील डी.एस. नायडू ने दलील दी थी कि आसाराम की उम्र 80 साल से अधिक है। वह कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित है। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जेल प्रशासन को आसाराम के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा- फिलहाल हम जमानत नहीं दे रहे हैं। हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 मई को नाबालिग से यौन उत्पीड़न के केस में आसाराम की आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया था। ये भी पढ़ें… 20 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आएगा आसाराम:पुलिस ने फरार होने की जताई थी आशंका; हाईकोर्ट ने बताया निराधार जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद आसाराम (87) उर्फ आशुमल को सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट से 20 दिन की पैरोल मिल गई है। पुलिस ने पैरोल पर रिहा होने के बाद आसाराम के फरार होने की आशंका जताई थी, लेकिन कोर्ट ने आशंकाओं को निराधार बताया। (पूरी खबर पढ़ें)

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