बीकानेर में कोर्ट से जमानत नहीं मिली तो विचाराधीन बंदी ने ने सब-इंस्पेक्टर भर्ती के फिजिकल का फर्जी प्रवेश पत्र बना लिया। जैसे ही एग्जाम देने पहुंचा तो जांच में पकड़ा गया। प्रवेश पत्र दिखाने पर जांच में सामने आया कि इस नाम का कोई व्यक्ति ही नहीं था जिसका फिजिकल के लिए सिलेक्शन हुआ हो। आरोपी NDPS मामले में जेल में बंद था। एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया- आरोपी संदेश पुत्र उदयनाथ सिद्ध (25) निवासी मालासर, पुलिस थाना जामसर, वर्तमान में केंद्रीय कारागार बीकानेर में न्यायिक अभिरक्षा में बंद था। जमानत नहीं मिलने के कारण उसने जेल से बाहर आए बिना भर्ती परीक्षा में शामिल होने के उद्देश्य से फर्जी प्रवेश पत्र तैयार करवाने की साजिश रची। जांच में फर्जी प्रवेश पत्र का खुलासा SP ने बताया कि 3 अगस्त से 14 अगस्त तक पुलिस मोटर ड्राइविंग स्कूल गंगानगर रोड पर सब-इंस्पेक्टर/प्लाटून कमांडर भर्ती-2025 के फिजिकल एंट्रेंस टेस्ट टेस्ट (PET) चल रहा है। गुरुवार को पीईटी में शामिल होने आए अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच के दौरान पुलिस टीम को संदेश पर संदेह हुआ। इसके बाद संबंधित दस्तावेजों का गहन सत्यापन कराया गया, जिसमें प्रवेश पत्र फर्जी होना पाया गया। पुलिस ने तुरंत आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि फर्जी प्रवेश पत्र किसने तैयार किया और इस पूरे षड्यंत्र में कौन-कौन लोग शामिल थे। मामले में आरोपी से पूछताछ जारी है तथा सहयोग करने वाले अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फर्जीवाड़ा करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई एसपी ने बताया कि भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की सघन जांच की जा रही है। फर्जी दस्तावेज तैयार करने, कूटरचना करने या किसी अन्य व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा में शामिल होने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के अनुचित साधन का प्रयोग न करें और भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने में पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें।
