कॉमनवेल्थ गेम्स- 2026 में कोटा की बेटी अरुंधति चौधरी ने बॉक्सिंग के 70 किग्रा वर्ग के फाइनल मुकाबले में गोल्ड मैडल जीत लिया है। अरुंधति ने शानदार खेल दिखाते हुए तीनों राउंड में इंग्लैंड की खिलाड़ी को हराया। अरुंधति की जीत के बाद चाचा, बड़ी बहन और छोटे भाई सहित पूरे परिवार खुशी से झूम उठा। सेमीफाइनल में अरुंधति ने वेल्स की अनुभवी बॉक्सर और कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 की गोल्ड मेडलिस्ट रोसी एकेल्स को हराकर भारत के लिए सिल्वर मेडल पक्का कर दिया है। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अरुंधति ने गोल्ड जीत लिया है। इससे पहले क्वार्टर फाइनल में अरुंधति ने न्यूजीलैंड की बॉक्सर मॉर्गन एंडरसन को 3-1 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई थी। लगातार 2 शानदार जीत के दम पर फाइनल का टिकट हासिल किया था। बास्केटबॉल की कप्तान से मुक्केबाजी की रिंग तक पिता सुरेश चौधरी ने बताया- अरुंधति बचपन से ही पढ़ाई में होशियार थी। स्पोर्ट्स में बेहद रुचि रखती थी। अरुंधति स्प्रिंग डेल स्कूल में छठवीं क्लास में पढ़ती थी। उस समय बास्केटबॉल टीम की कैप्टन थी। उनकी कप्तानी में स्कूल की टीम ने जिला और राज्य स्तरीय स्कूली गेम्स में टीम ने हिस्सा लिया। जब उसने व्यक्तिगत खेल चुनने की इच्छा जताई, मेरी सलाह पर उसने बॉक्सिंग को चुना। मुझसे कहा- बॉक्सिंग का कोच ला दो। उस समय कोटा में बॉक्सिंग का कोई माहौल या कोच नहीं था। नहीं मिला कोच, यू-ट्यूब बना सहारा कोटा, जयपुर और भोपाल तक कोच की तलाश करने के बाद भी जब कोई बॉक्सिंग कोच नहीं मिला, तो स्थानीय ताइक्वांडो कोच अशोक गौतम से संपर्क किया। कोच साहब ने भी हार नहीं मानी और यू-ट्यूब पर बॉक्सिंग की तकनीकें देख-देखकर अरुंधति को ट्रेनिंग देना शुरू किया। 2017 में रोहतक में हुए पहले नेशनल टूर्नामेंट में अरुंधति ने हरियाणा की कड़क बॉक्सर को पहले ही राउंड में नॉकआउट कर दिया, जिसके बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने उसे यूक्रेन ट्रेनिंग के लिए चुना। पल-पल अपडेट के लिए नीचे ब्लॉक से गुजर जाइए…
